great to see politicians are fighting on social media instead of parliament. it is great fun
Dear Mrs. Sitarama,
1.Which "legal and commercial matter" required Tata Trusts and Tata Sons to be hosted at Amit Shah's residence?
2.When is crony number 1 going to appear in the game and which pieces of Tata is he going to get?
Finally, all India's businesses except 3-4 of your cronies, already hate all of you and don't need any incitement.
Sunil The Cricketer retweeted
UP MLC चुनाव : सबका भाग्य बताने वाले ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी हार गईं MLC चुनाव
◆ स्मिता मिश्रा को 300 वोट भी नहीं हासिल हो पाए
◆ लखनऊ स्नातक सीट पर बीजेपी को हराकर सपा कांति सिंह ने जीत दर्ज की
Indu Prakash Mishra | Smita Mishra | Kanti Singh
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India has become the top country for rabies deaths with 5,726 annually, accounting for 35% of the global total: Report
Shukla ji yahan bhi Hai 😯
Filmmaker @SubhashGhai1 had invited the media to witness @MadhuriDixit in a song sequence choreographed by the legendary #SarojKhan for #Khalnayak, Ooty.
A terrific outdoor. Before we departed, Ghai insisted on a group pic. Memories…@duttsanjay
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MLC elections in 28 seats across 4 big states - Uttar Pradesh, Maharashtra, Bihar and Karnataka.
Elections held using ballot papers.
Guess how many seats Congress won? 🧐
Sunil The Cricketer retweeted
मनोज मुंतशिर वाला कारनामा?
बड़ी जाहिलों जैसी बात की है देश के स्वघोषित सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ चैनल ने.
मेरे भाई काश रामायण के गीतों में मेरा वाला कारनामा दोहराया जाता.
आदिपुरुष बहुत ख़राब फ़िल्म थी, संवाद और भी ख़राब थे, लेकिन गीत तो देश का बच्चा-बच्चा गाता है.
कभी जाइए श्री अयोध्या पूरी, गली-गली में आदिपुरुष के ही गीत बज रहे होते हैं.
जो ग़लती मुझसे हुई, मैंने उसके लिए अनगिनत बार रामभक्तों से क्षमा माँगी और क्षमा मिली भी, लेकिन गीतों को चैलेंज मत करिए.
उनमें श्रद्धा, समर्पण और कवित्त की कोइ कमी नहीं थी.
न मैंने राम के लिए नर्सरी राइम्स लिखी न कव्वालियाँ.
आगे लोग समझदार हैं, जानते हैं कौन कितने पानी के है.
जय श्री राम.
“रामायण में कव्वाली? ‘मंगल रंग’ पर बवाल!” रणबीर कपूर की ‘रामायण’ के विवाह गीत पर सोशल मीडिया में हंगामा; त्रेतायुग में कव्वाली-सूफी संगीत का सवाल। मनोज मुंतशिर वाला कारनामा दोहराया जा रहा है ? त्रेतायुग में कव्वाली कब से ? फिल्मकारों ने सनातन का अपमान किया ? साधु संतों ने कहा ये फिल्म देखना पाप के समान है। बहिष्कार का ऐलान।
आज बड़ी खबर फिल्म ‘रामायण’ को लेकर। रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर इस फिल्म का गाना ‘मंगल रंग’ रिलीज होते ही विवाद में आ गया है। आरोप है कि भगवान राम और सीता के विवाह पर फिल्माए गए इस गाने में कव्वाली और सूफी संगीत के तत्व हैं। सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं त्रेतायुग की कहानी में कव्वाली कहां से आई? आइए पूरा मामला समझते हैं।
फिल्म ‘रामायण’ के निर्देशक हैं नितेश तिवारी। गाना ‘मंगल रंग’ को ए.आर. रहमान ने कंपोज़ किया है और अरिजीत सिंह व श्रेया घोषाल ने गाया है। गाने में भगवान राम और सीता के विवाह को दिखाया गया है।
विवाद की सबसे बड़ी वजह गाने का संगीत है। कई यूजर्स को इसमें कव्वाली और सूफी शैली के तत्व सुनाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि वाल्मीकि रामायण पर आधारित फिल्म में पारंपरिक संस्कृत गीत और भारतीय वाद्यों की जगह कव्वाली क्यों चुनी गई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।
कुछ लोगों ने गाने की तुलना ए.आर. रहमान के पुराने गीत ‘कुन फाया कुन’ और तमिल गाने ‘एन्ना सोल्ला पोगिराई’ से भी की है।
एक और आपत्ति गाने के एक दृश्य पर जताई गई है, जिसमें सीता को राम की कथित ‘हल्दी’ रस्म को देखते हुए दिखाया गया है। मेकर्स का कहना है कि यह हल्दी नहीं, बल्कि पूर्वी भारत और मिथिला की पारंपरिक ‘चुमावन’ रस्म है, जिसे गलती से हल्दी समझा गया।
अब अयोध्या के साधु संतों में। नाराजगी है वो कह रहे हैं ऐसी फिल्म देखना पाप है ये भगवान राम और सीता की मर्यादा से खिलवाड़ है। फिल्म के बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।
#Ramayana #MangalRang































