चौधरी ज्ञानवीर सिंह retweeted
*कल एक सज्जन का कमेंट्स पढ़ा..*
*कह रहे थे रोहिंग्या मुसलमान में ऐसी क्या ख़ास बात है जो इन्हें हर जगह से दुत्कारा जा रहा है। इन सज्जन ने आगे लिखा हम लोग अब स्वार्थी होते जा रहे हैं, हिन्दू अब दिल के कठोर होते जा रहे हैं।
ये कमेंट्स मेरी पोस्ट पर नहीं था।एक बार तो इच्छा हुई कि इन सज्जन को कस कर रगड़ा जाये। पर मूर्खों से बहस करना भी डबल मूर्खता है।*
*रोहिंग्या मुसलमानों को कोई मुस्लिम देश तक अपनाने को तैयार नहीं है, क्यों ?
और कल ही बांग्लादेश में रोहिंग्या के शरणार्थी कैंप को जला दिया गया और बांग्लादेश सब सभी रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेज रहा है
इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे मुस्लिम देश भी रोहिंग्या के बोट देखते ही फायरिंग करके उन्हें मार देते हैं समुंदर में डूबा देते हैं लेकिन अपने यहां शरण नहीं देते
रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में जानकर आपके होश उड़ जायेंगे।
ये शुद्ध रूप से अनपढ़, मजदूरी करने वाले और बर्बर मानसिकता के हैं।
शायद आपको जानकर ताज्जुब होगा कि म्यानमार में अनेकों बुद्धिस्ट और हिन्दुओ की हत्या इन्होंने बगैर किसी दुश्मनी के की।
कोई बुद्धिस्ट खेत में काम कर रहा है, ये दबे पांव पीछे से गये और लोहे की रॉड से खोपड़ी तोड़ कर हत्या कर दी। कोई बुद्धिस्ट या हिन्दू एकान्त में दिख गया बगैर किसी दुश्मनी के गडांसे से काट डाला। कोई बुद्धिस्ट युवती एकान्त में दिख गयी गैंगरेप के साथ निर्भया से भी बुरी मौत दे डाला...
ये चोरी छिपे बुद्धिस्ट की हत्या का फार्मूला अपना रहे थे। बुद्धिस्टों ने कभी सपने में नहीं सोचा होगा की बगैर दुश्मनी के कोई ताबड़तोड़ चाक़ू मारकर उनकी हत्या भी कर सकता है। आपको ये पता रहे कि आपका दुश्मन कौन है तो आप मानसिक रूप से हमले के लिए तैयार होते हैं पर ये चीते की तरह घात लगाकर हमला करना ....ये साफ तौर पर जाहिर करता है कि इनका मकसद क्या है ???
फिर एक बौद्ध भिक्षु संत विराथू ने उनके खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया उन्होंने कहा कि आप कितने भी सहनशील क्यों ना हो आप एक पागल कुत्ते के साथ नहीं रह सकते
उसके बाद म्यांमार के बौद्ध इन रोहिंग्या के ऊपर टूट पड़े
अब आता हूं दूसरे पॉइन्ट पर। जैसा की मैंने कहा कि ये गरीब, अनपढ़, जाहिल सब कुछ होते हैं। ऐसे में किसी भी आतंकवादी देश के लिए इन्हें यूज़ करना बड़ा आसान है, चूँकि अधिकाँश कश्मीरी लड़के अब अलगाववादियों और पाकिस्तानियों की मंशा समझ चुके हैं अब हाफ़िज़ सईद जैसे लोगों को युवा आतंकी नहीं मिल रहे हैं, रोहिंग्या मुसलमान वो कच्ची मिट्टी हैं जिसे आतंकी चाहे तो कश्मीरी उग्रवादी बना दें, ISIS का लड़ाका बना दे, फिलिस्तीनी हमलावर बना दें या बोको हरम का आतंकवादी सारे ही रोल को निभाने के लिए ये तैयार हो जाएंगे, सिर्फ पैसा चाहिए। देशभक्ति किस चिड़िया का नाम है, इन्हें नहीं पता। अगर देशभक्ति पता होता तो क्या मिया-मार देश के साथ ऐसा करते???*
*नही न.....*
*मुस्लिम देश इन्हें रखने को तैयार नहीं, पर गैर मुस्लिम देश भी जब इनसे पल्ला झाड़ता है तो मलाला युसूफजई और ओवैसी जैसे लोगों को बड़ी तकलीफ हो जाती है। मलाला को अगर रोहिंग्या मुसलमानों की इतनी ही चिंता है तो क्यों नही किसी रोहिंग्या मुसलमान के गले में वरमाला डालती हैं।*
*एक नई खबर का खुलासा म्यानमार ने और किया है रोहिंग्या मुसलमानों को निकालने के पश्चात उनकी GDP में 1.5 पॉइन्ट तक उछाल आया है। किसी भी देश के विकास में मुसलमानों का क्या योगदान है ये मिया-मार देश को देखकर जाना जा सकता
*धन्य हो मियां-मार वासी बौद्ध की*😳
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चिंता ना कर बहन तुझे धक्का देने वाले राहुल गांधी देश का राष्ट्रवादी हिंदू अगले चुनावों में |
ऐसा धक्का देगा कि राहुल गांधी चुनाव परिणामों से पहले ही विदेश की यात्रा के लिए निकल लेगा |
बाकी रही बात धक्के की तो देश बचाने के लिए राष्ट्रवादी धक्का भी खाएंगे और गोलियां भी पर देश को लुटने नहीं देंगे |
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परमात्मा किसी भी रूप में आ सकता है बस आपके कर्म अच्छे होने चाहिए
आपकी दहलीज पर आय किसी भी प्राणी को खाली हाथ मत लौटाए, महमान भगवान का रूप नहीं बल्कि भगवान ही होता है
नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाणे सरबत दा भला 🙏
वाहेगुरु जी 🙏 जय श्री राम 🙏
चौधरी ज्ञानवीर सिंह retweeted
🚩जय श्री राम हिन्दू रक्षा दल
आज एक सूचना मिली एक #कठमुल्ला #हिन्दू_लड़की को लेकर होटल ढूँढ रहा है कठमुल्ला गजरोंला से यहां लड़की से मिलने आया था कठमुल्ले के फोन से काफी हिन्दू लड़कियों से बात के सबूत भी मिले हैं ऐसे ही अनेको हिन्दू लड़कियों को टारगेट कर चुका है हमारे कार्यकर्ताओं ने इलाज कर दिया हिन्दू रक्षा दल #लव_जिहाद बिल्कुल नहीं होने देगा
#Hindurakshadal
#Lovejihad #Ghaziabad #Hindu #ग़ाज़ियाबाद @Gauravsisodia_
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तमिलनाडु में एक महिला जो रिल और यूट्यूब पर वीडियो बनाती थी अपनी अमीरी दिखाने के लिए शेखी बघारने के लिए अपने गहने और कैश दिखाकर वीडियो बनाया
चोरों ने पूरे एक करोड़ की चोरी कर ली
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अबे सीधी तरह बोल बूथ कैपचरिंग करवाएंगे
जैसे अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री था तब अपने मंत्रियों से बूथ कैपचरिंग करवाता था
यह देख ले अखिलेश यादव सरकार का मंत्री तोताराम यादव बूथ कैपचरिंग करके सैकड़ो वोट खुद ही डाल रहा है
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यमन में एक मुस्लिम सऊदी अरब के हवाई हमले में ध्वस्त एक मस्जिद दिखाकर किंग सलमान को इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कह रहा है कि तुम अब मस्जिदों को शहीद कर रहे हो
यमन में सऊदी हमले में ध्वस्त हुई मस्जिदों का विवरण
सना : 230 मस्जिदें और कब्रिस्तान
तइज़ : 112 मस्जिदें, कब्रिस्तान और मज़ार
सअदा : 303 मस्जिदें
हुदैदा : 88 मस्जिदें
ज़मार : 80 मस्जिदें
हज्जा : 78 मस्जिदें
इब (Ibb) : 76 मस्जिदें
उधर इस्लाम का दूसरा सबसे बड़ा रहनुमा बनने का दावा करने वाला पाकिस्तान अफगानिस्तान में मस्जिदों पर हमले कर रहा है मुसलमानो के घरों पर हमले करके उन्हें मार रहा है
लेकिन अब तमाम जेहादी मीडिया जैसे बीबीसी जर्मनी की DW यानी डॉयचे वेले और अल जजीरा खामोश है
खैर इससे मुझे क्या यह तो दो भाइयों के आपस के बीच का मामला है
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असल में तुमने वीडियो देखा नहीं अखिलेश, योगी तुम्हारा और तुम्हारे चाचा शिवपाल का चरित्र बयान कर रहे हैं। वो बता रहे हैं कि कैसे यूपी में सरकारी नौकरियों की लिस्ट सैफई से जारी होती थी।
कैसे पब्लिक सर्विस कमीशन जैसी जगहों पर तुम्हारे इशारे पर डकैती और हत्या के मुकदमों वाले किसी यादव को चेयरमैन बनाया गया।
याद है एक आगरा का कुख्यात हिस्ट्री सीटर अनिरुद्ध यादव को तुमने यूपीपीएससी का अध्यक्ष बनाया था और फिर सुप्रीम कोर्ट ने लटिया कर निकाला था उसके बाद वापस तुमने किसी अनिल यादव को अध्यक्ष बनाया
तुम्हें यादव के अलावा उत्तर प्रदेश में कोई और मिलता ही नहीं था जिसे तुम तमाम भारती बोर्ड के अध्यक्ष बनाओ
इसके बाद लोक सेवा आयोग में कैसे डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी के पदों पर सिर्फ यादव भरे गए।
तो योगी जी तुम्हारा कच्चा चिट्ठा खोल रहे थे कि कैसे तुम्हारा परिवार तय करता था कि यूपी में नौकरी किसे मिलेगी।
तुमने अपने पांच सालों में स प्रदेश का जो नुकसान किया है, योगी जी उसी का हिसाब बता रहे थे। तुम्हारे पापकर्म इतने हो गए हैं कि अब कोई भी नौटंकी कर लो, कुछ नहीं हो सकता। दीवार पर जो इबारत लिखी जा चुकी है, बदली नहीं जा सकती।
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याद रखिए प्रकृति का सिद्धांत है चाहे जानवर हो या इंसान हमेशा नर ही मादा को रिझाता है हमेशा नर ही मादा के पीछे पड़ता है हमेशा प्रणय निवेदन नर ही मादा के सामने करता है
अगर आप डिस्कवरी एनिमल प्लेनेट देखते होंगे तो यह कहीं नहीं दिखता की कुत्तिया कुत्ते के पीछे पड़ी हो या शेरनी शेर के पीछे पड़ी हो
और अगर कभी इसका उल्टा हो तो आपको तुरंत खतरे का एहसास हो जाना चाहिए
यानी अगर मादा आपको पटाने की कोशिश करें तो आपको तुरंत इस बात का आभास हो जाना चाहिए कि आखिर में आप बहुत बड़े मुश्किल में पड़ने वाले हैं
जबलपुर में एक मादा थी वह नरों से सोशल मीडिया पर प्रणय निवेदन करती थी और मिलने के लिए होटल में बुलाती थी और होटल में ब्लैकमेल करके कहती थी कि मुझे तुरंत पैसे दो वरना अभी मैं पुलिस को बुला लूंगी और लड़के उसे पैसे देकर पीछा छुड़ाते थे
और इस तरह उसने कमाई का एक शानदार धंधा बना लिया था
एक पीड़ित ने बोला कि अभी मेरे पास पैसा अकाउंट में नहीं है कल हम इसी होटल में मिलते हैं और मैं किसी से उधार पैसे लेकर आता हूं
और वह लड़की अगले दिन पैसे मिलने की चाह में होटल गई और उस लड़के ने पुलिस को फोन कर दिया और पुलिस ने सादा कपड़ों में लेडिज पुलिस की ड्यूटी लगा दी और उसके बाद उस लड़की को पैसे लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया
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BHU बना… तो उसके “कम्पटीशन” में AMU भी बना 🤔
नाम देखिए
📍 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
📍 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
एक हिंदू, एक मुस्लिम
दोनों यूनिवर्सिटी, नाम भी धर्म आधारित।
पर फर्क कहाँ आ गया?
👉 BHU सबके लिए है
👉 AMU “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” है
अब ज़रा जोर से बोलिए
❓ अल्पसंख्यक कौन है?
संविधान में कहीं साफ़-साफ़ लिखा है क्या?
कोई कॉलम, कोई परिभाषा, कोई निश्चित मापदंड?
❌ नहीं।
फिर भी AMU माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है और BHU न माइनॉरिटी है, न मेजॉरिटी। बस — सबका साथ, सबका विकास।
अब ज़रा इतिहास की दूसरी लाइन पकड़ते हैं 📜
🗓️ 1925 — बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
🗓️ 1926 — ठीक एक साल बाद बना एक और संगठन… 👉 तबलीगी जमात
अब गूगल कर लीजिए
🌍 दुनिया के कितने देशों ने तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाया है?
👉 9 देश
किन-किन में?
किर्गिज़स्तान, अज़रबैजान, अरब के कुछ देश…
और हैरानी की बात यह कि जिस संगठन का
📌 मुख्यालय भारत में है
📌 सुप्रीम कोर्ट से ~3 किमी
📌 संसद से ~4 किमी
📌 निज़ामुद्दीन में
उसके बारे में
❌ न Gen-X जानती है
❌ न Gen-Y
❌ न Gen-Z
❌ न बुज़ुर्ग
❌ न आम जनता
कोविड नहीं आता, तो शायद
👉 यह नाम भी सामने नहीं आता 😷
अब ज़रा और सीधे सवाल ❓
🩸 भारत-पाक विभाजन में
सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी?
🩸 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार में?
🩸 अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं के सफ़ाए में?
और फिर पूछिए
🌍 दुनिया की सबसे बड़ी जमात कौन-सी है?
👉 जवाब वही है।
फिर सवाल यह भी
❓ जब 9 देशों ने बैन किया
तो भारत में
✔️ न बैन
✔️ न संसद में चर्चा
✔️ न राष्ट्रीय बहस
तो हम
👉 वाकई सुरक्षित हैं?
या
👉 बस चुप हैं?
📊 1931 की जनगणना याद कीजिए
अंग्रेज़ों ने 1881 से हर 10 साल में कराई।
1931 में
📍 सिंध में हिंदू ~70%
📍 लरकाना सहित कई इलाकों में 65–70%
तो ज़रा सोचिए
❓ क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि 15 साल बाद क्या होगा?
जवाब ज़ोर से बोलिए
👉 नहीं।
🔚 निष्कर्ष
ये सवाल
❌ न नफ़रत के हैं
❌ न डर फैलाने के
ये सवाल हैं
👉 इतिहास की अनदेखी
👉 नीति की असमानता
👉 संविधान की व्याख्या
👉 और चुप्पी की कीमत
सवाल पूछना ग़लत नहीं है।
ग़लत है — सवालों से भागना।
🗣️ सोचिए। पूछिए। समझिए।
@AshwiniUpadhyay @ARanganathan72 @HMOIndia
चौधरी ज्ञानवीर सिंह retweeted
हिंदू मुस्लिम में जो नफ़रत का बीज बोया गया है, नेताओं के द्वारा उसका परिणाम ये है.... बरेली की ये घटना आबिद अली और उनके पड़ोसियों मे मनमुटाव हुआ होगा, लेकिन देख रहे हो पड़ोसी पूरा परिवार मिलकर कैसे आबिद अली को पीट रहे हैं...
चौधरी ज्ञानवीर सिंह retweeted
ये केरल की अरुनिमा हैं, जो अकेले यात्रा करती हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 12 लाख (1.2 मिलियन) फ़ॉलोअर्स हैं। उनका मानना था कि इस्लामिक देश बहुत शांतिपूर्ण होते हैं और बुर्का पहनकर उन्हें सुरक्षित महसूस होता था। उन्होंने अफ़गानिस्तान की यात्रा की और एक महिला के तौर पर आज़ादी से घूमने के कारण उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
उनकी मदद किसने की? न तो केरल के इस्लामिक हलकों ने, न वामपंथी नेताओं ने, न सऊदी के 'हबीबियों' (दोस्तों) ने और न ही कांग्रेस सरकार ने।
केरल में कई लोगों द्वारा नापसंद किए जाने वाले बीजेपी नेता सुरेश गोपी ने उनकी मदद की और केंद्र सरकार ने सारी व्यवस्था की। भारतीय दूतावास ने मुफ़्त में उनका टिकट बुक किया। उनकी तथाकथित आज़ादी पर हमारे टैक्स देने वालों का पैसा खर्च हुआ।
काबुल एयरपोर्ट पर और फ़्लाइट में भी वह हिजाब पहने हुए थीं। इस्लामिक कानूनों का सामना करने के बाद भी धर्मनिरपेक्षता का यही स्तर है।
चौधरी ज्ञानवीर सिंह retweeted
आज कांग्रेसी चमचे कह रहे हैं यूपीआई की शुरुआत हमने की थी
लेकिन 2016 में राहुल गांधी ने कहा था कि यूपीआई और कैशलेस सिस्टम देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा क्योंकि इस सिस्टम से इस देश के 5-6 प्रतिशत लोग ज्यादा अमीर बन रहे हैं
चौधरी ज्ञानवीर सिंह retweeted
हिंदू होना ही गुनाह है 💥
बंग्लादेशी जिहादियों की बर्बरता और नीचता की हद देखिये ।
अमन और भाईचारे वाला मजहब देखिए
जो सेकुलर कहते हैं हिन्दू मुस्लिम भाई भाई
आंखें खोलो और देखो
हिन्दूओं की तबाही।
गांधी के अंधभक्तों कोई जवाब तो दो ।
"क्यों किया बंटवारा , क्या हक था तेरा" ।
भारत के सेकुलर हिन्दूओं सुधर जाओ ।
जो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दूओं के साथ हो रहा है,
वह कल तुम्हारे साथ भी होगा ।

















