भाजपा के इन नेताओं को आखिर स्क्रिप्ट कहां से मिली है सब एक जैसा बयान दे रही हैं।
विधायक राजेश चौधरी - ये पढ़े लिखे लोगों का चुनाव था इसीलिए BJP हार गई।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर - MLC का चुनाव पढ़े लिखे लोगों का चुनाव था आम जनता का नहीं।
सांसद रवि किशन - ये चुनाव शिक्षकों का चुनाव था आम जनता का नहीं।
विधायक, मंत्री और सांसद सब एक जैसा बयान दे रहे हैं और ये साबित कर रहे हैं कि
"भाजपा को पढ़े लिखे लोग पसंद नहीं करते।"
तो भाजपा को वोट कौन देता है?
अंधभक्त, और बाकी जनता को तो इन्होंने अनपढ़ घोषित कर दिया है।
बैलेट से हुए एमएलसी चुनाव में प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद बीजेपी को कई जगहों पर हार का सामना करना पड़ा। गोरखपुर में इज्ज़त बचाने के लिए पूरे तंत्र ने जान लगा दी तब जाकर जीत हासिल हुआ।
यह परिणाम उसके खिसकते जनाधार की ओर इशारा करता है। हाल यह है बीजेपी के कार्यकर्ताओं में बेहद निराशा है वह खुद भी योगी सरकार को अयोग्य मान रहे हैं।
2027 में बीजेपी की राह आसान नहीं दिख रही है। शायद यही वजह है कि बीजेपी के नेता अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर भी जनता के मन में सवाल उठते रहे हैं।
अपने घटते जनाधार और सपा पर जनता का बढ़ता विश्वास देखकर हमें आशंका है कि आगामी चुनाव में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने और सपा के समर्थक मतदाताओं के नाम काटने जैसी कोशिशें हो सकती हैं।
इसलिए साथियों, केवल राजनीतिक चर्चा और सोशल मीडिया की लड़ाई में मत उलझिए।
अपने बूथ की मतदाता सूची पर नजर रखिए।
अपने परिवार, गांव, मोहल्ले और आसपास के लोगों के वोट की जांच कीजिए। किसी का नाम गलत तरीके से कटे तो समय रहते आपत्ति दर्ज कराइए।
मनीष यादव लालू
वाराणसी स्नातक MLC चुनाव में जब आशुतोष सिन्हा का नाम फाइनल हुआ तो एक छुटभैए नेता ने विरोध किया।
समाजवादी पार्टी से बगावत तक कर दी थी और रीलबाजों कि सेना लेकर निकल पड़ा था निर्दलीय मैदान में कि
समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को सबक सिखाएंगे।
उस निर्दलीय प्रत्याशी के साथ हमारे अपने ही समाज के कई युवा भटक गए और अखिलेश जी के फैसले को गलत ठहराने लगे कुछ तो धमकी भी देने लगे थे कि आशुतोष सिन्हा हार जाएंगे।
जब चुनाव परिणाम आया तो पता चला कि उस निर्दलीय व्यक्ति को उसके रील के व्यूज के बराबर भी वोट नहीं मिला, एकदम से गायब हो गया। उसे सिर्फ और सिर्फ तैयार किया गया था कि समाजवादी पार्टी का वोट काटो लेकिन
समाजवादियों ने उस निर्दलीय और उसे फंडिंग करने वालों को भारी सबक सिखाया।
सिर्फ नेता नहीं बल्कि बहुत ही नेकदिल और साहसी नेता हैं आदरणीय अखिलेश यादव जी।
रास्ते से गुजरते वक्त एक दिव्यांग व्यक्ति गाड़ी पर शादी का कार्ड लिए बैठा था अखिलेश जी आते हैं वो हाथ देता है और उनकी गाड़ी तुरंत रुक जाती है।
उसके हाथ से कार्ड लेते हैं और बातचीत करके उसकी बाकी समस्या पूछते हैं।
वाकई में ऐसा नेता बहुत ही कम हैं जो लोगों के प्रति इस तरह का व्यवहार और प्रेम रखते हैं।
आसान है क्या अखिलेश हो जाना🫡❤️🚲
आपको अयोध्या की मीरा माँझी याद होंगी?
अरे वही मीरा माँझी जिनके घर पर जाकर नरेंद्र मोदी जी ने चाय पी थी और योगी आदित्यनाथ दरवाजे पर खड़े थे।
गोदी मीडिया ने पूरा ढोल पीट दिया था ऐसा माहौल बनाया गया था मानो फिर से त्रेतायुग की तरह शबरी के घर श्रीराम आ गए हों।
आज मीरा माँझी पाई पाई को मोहताज हैं साहब आए और चाय पीकर डंका बजवाकर चले गए उनका वोट भी मिल गया होगा लेकिन
उनके जाने के बाद परिस्थितियों ने करवट ली और मीरा माँझी को सरकार से 3 लाख का कर्ज मिला था जिसकी महीने की किस्त 6.5 हजार रुपए है।
अब ये दाने दाने को मोहताज हैं लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है।
अखिलेश यादव जी के सिपाही पवन पाण्डेय जी आज मीरा माँझी के घर गए और 50 हजार की मदद करके उनका कर्ज माफ करवाने की बात करके आए हैं।
ये हाल है भाजपा का जिनके फोटोजीवी नेता सिर्फ दिखावे के लिए जाते हैं मीरा माँझी के यहां पर 10 रुपए की जो चाय पी थी उसके बराबर भी उनकी मदद नहीं हुई।
जो कर्ज लिया उसका भी किस्त भर रही बेचारी।
पत्रकार - 27 के चुनाव में क्या होगा?
रवि किशन: बम बम होगा 🤣
पत्रकार - अच्छा
रवि किशन: वो जनता का चुनाव रहेगा और ये शिक्षक का चुनाव था।😂
देख रहा है न विनोद?
हारने के बाद किस तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं अरे रवि किशन जाओ देखो
"बम बम बोल रहा है काशी"🚲🚲❤️
वाराणसी में बीजेपी प्रत्याशी को धूल चटाने वाले समाजवादी पार्टी के आशुतोष सिन्हा ने हर एक कार्यकर्ता का धन्यवाद किया
जिसने पूरे 3 दिन तक मतगणना स्थल पर डेरा डाले रखा और मुस्तैदी से डटे रहे।
अच्छा लगा कि हमारे नेता अखिलेश यादव जी और उनकी पार्टी का हर एक नेता सभी कार्यकर्ताओं को सर आंखों पर बिठाकर रखता है।
सुनो सुनो सुनो!
उत्तर प्रदेश वालों अपने मुख्यमंत्री बाबा योगी आदित्यनाथ का तुगलकी फरमान सुनो और अंदाजा लगाओ कि ये सरकार कितनी तानाशाही कर रही है।
जोगी जी का कहना है कि
"अब अगर आप उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन करने जाते हैं या किसी हिंसात्मक प्रदर्शन में शामिल होते हैं या सत्ता परिवर्तन की सोच रखते हैं तो आपको सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।"
अब आपको मारा भी जाएगा और चिल्लाने भी नहीं दिया जाएगा इसलिए फैसला आपके हाथ में है और आगे विधानसभा चुनाव भी है।
मौका अच्छा है उठा लो लाभ और पलट दो बाबा की सरकार को जो आपके भविष्य के लिए खतरा बने हुए हैं।
समाजवादी पार्टी के नेताओं की सक्रियता देखिए
कल ही इलाहाबाद झांसी क्षेत्र से स्नातक MLC का चुनाव 28 हजार वोटों से जीतने वाले मान सिंह यादव जी आज शिक्षा निदेशालय पहुंच गए।
TGT और PGT के अभ्यर्थी पुरानी नियमावली के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
वहां पर पहुंचे मान सिंह यादव जी ने उन्हें भरोसा दिया कि समाजवादी पार्टी हमेशा आपके साथ खड़ी है।
यही होता है जब आपके क्षेत्र का नेता पढ़ा लिखा हो तो वो आपकी बात और दर्द को समझेगा और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने ये दिखाया भी है।
एक तरफ समाजवादी पार्टी को MLC चुनाव में सफलता मिली है तो दूसरी तरफ
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी खबर आ रही है।
आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को पैन कार्ड मामले में मिली सजा को निलंबित कर दिया है।
इसके साथ दोनों लोगों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है अब दोनों लोग जेल से बाहर आ सकते हैं। हालांकि इनके दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगी है।
इस पूरे MLC चुनाव में अखिलेश यादव जी ने जो संलग्नता दिखाई थी उसका परिणाम आज सबके सामने है।
जो अखिलेश यादव जी पर सवाल खड़े कर रहे थे उन्हें उनकी सजगता देखनी चाहिए।
कल जब बौखलाए भाजपाई रीकाउंटिंग की मांग कर रहे थे तब अखिलेश यादव जी लगातार 8 से 10 ट्वीट करके अपने सभी नेताओं और समर्थकों को मोटिवेट कर रहे थे।
उनका एक एक ट्वीट सपा के नेताओं और समर्थकों में जोश भर रहा था और यही कारण था कि वो मतगणना स्थल पर चौकस खड़े रहे।
भाजपा ने हरसंभव कोशिश की अपना छल बल और हनक दिखाया लेकिन समाजवादियों के सामने एक न चली।
मान गए न हार, करवा ली न बेइज्जती 😀
वाराणसी में दो दिन मतगणना के बाद आखिर भाजपा ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और सपा का जश्न शुरू हो गया है।
अखिलेश यादव जी ने दिवाली से पहले ही सभी कार्यकर्ताओं को दिवाली मनाने का मौका दे दिया है।
आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के क्योटो में समाजवादी झंडा लहरा दिया और ये संदेश दे दिया है कि
2027 में अखिलेश यादव जी पूर्ण बहुमत के साथ आ रहे हैं।
यह तो अभी झांकी है, 2027 अभी बाकी है!
राजनीति के महानायक अखिलेश भईया ने भाजपा वालों की बोलती बंद कर दी है। जिस तरह उनके नेतृत्व में समाजवादी पार्टी लगातार अपना जनाधार मजबूत करती जा रही है, उससे साफ है कि यूपी की राजनीति में भाजपा बैकफुट पर है।
अखिलेश भइया की कार्यकुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पीडीए समाज को एकजुट करने की रणनीति बनाई, सामाजिक समीकरणों को समझा, टिकट के दावेदारों की राजनीतिक क्षमता और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता को परखा, फिर उम्मीदवारों पर भरोसा जताया।
अखिलेश भईया इसी दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। आप सभी पीडीए समाज के सामने 2027 की चुनौती है और बीजेपी के सामने अपने जनाधार को बचाए रखने की। जो पूरी तरह खिसक गई है।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है और पीडीए की एकजुटता पार्टी की बड़ी ताकत बन रही है। यह एकजुटता और जनसमर्थन साबित कर रहा है कि जनता साइकिल पर सवार है अखिलेश यादव से जनता को प्यार है।
जय संविधान, जय समाजवाद, जय जनता जनार्दन। पीडीए एकता जिंदाबाद।
जनता है बीजेपी से खफा, उसका भरोसा है सपा।
मनीष यादव लालू
गौर से देखिए इन 5 चेहरों को जिन्होंने माननीय अखिलेश यादव जी को जीत का तोहफा दिया और उनके भरोसे पर खरे उतरे हैं।
लोगों ने तमाम आरोप लगाए कि टिकट सही नहीं बंटा है लेकिन आप लोगों की मेहनत ने अखिलेश जी को सही साबित कर दिया।
आप सभी ने चुनाव जीतकर भाजपा ही नहीं उन समस्त विरोधियों के मुंह पर तमाचा मारा है जो समाजवादी पार्टी को कमजोर समझ रहे थे।
ये B टीम वाले तो नजर नहीं मिला पा रहे हैं 🤣
रोज सुबह भाजपा की स्क्रिप्ट पढ़ने और लिखने वाले अपना आपा खो बैठे हैं उन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि बोलना क्या है और छोड़ना क्या है।
जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी MLC चुनाव में वाराणसी क्षेत्र से स्नातक पद के लिए आशुतोष सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था तो
अपने ही कुछ लोग आदरणीय अखिलेश जी के फैसले का विरोध कर रहे थे और कह रहे थे कि वो सीट सपा किसी भी कीमत पर जीत नहीं पाएगी।
कुछ लोग तो स्क्रीनशॉट लेने की बात कहते थे लोग बड़ा विरोध कर रहे थे।
आज देखिए वही आशुतोष सिन्हा 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीतकर आ रहे हैं और अखिलेश यादव जी के साथ पूरी पार्टी को गर्व महसूस कराया है।
वाराणसी - आशुतोष सिन्हा भारी मतो से चुनाव जीत गए बीजेपी के मुँह पर कालीख़ पोत के खबर समाप्त
अब मैं सोने जा रहा हूँ
जय हिंद जय समाजवाद जय जय अखिलेश
2027 में आ रहे हैं अखिलेश अब कुछ नहीं बचा है शेष 🚲🧿
वाराणसी -आठवें चक्र की मतगणना के बाद आशुतोष सिन्हा 17102 मतो से आगे चल रहे हैं।अंतिम चक्र की मतगणना होना बाकी!
हाल ए मतगणना स्थल पहाड़िया मंडी बनारस समाजवादियों का जमावड़ा 🚲🚲🚲🚲🚲🚲🧿
समाजवादी पार्टी के तमाम सांसद विधायक मतगणना स्थल पहुंच चुके हैँ...!
डियर प्रशासन, आप जोगी जी के दबाव में शासक बनने की कोशिश मत करिए।
वह अखिलेश यादव हैं। वह एक-एक पल, एक-एक अधिकारी, एक-एक सपा पदाधिकारी, एक-एक कार्यकर्ता, एक-एक पत्रकार और एक-एक अपने खास पर नजर रखते हैं।
इसलिए सर्टिफिकेट दीजिए और आराम से घर जाएं सभी लोग।
ये जितने भी लोग IAS प्रांजल यादव के खिलाफ नारा लगा रहे हैं
मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि ये जितने भी भाजपाई सिर्फ यादव देखकर ये आरोप लगा रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि
IAS प्रांजल यादव सिर्फ वाराणसी शिक्षक MLC के लिए पर्यवेक्षक थे जिसका चुनाव लाल बिहारी यादव जीत चुके हैं और प्रांजल यादव जा चुके हैं।
MLC स्नातक पद के लिए जिसमें आशुतोष सिन्हा 10 हजार वोट से आगे हैं उसमें पर्यवेक्षक जी. एस. प्रियदर्शी जी थे न कि प्रांजल यादव।
ये सिर्फ और सिर्फ भाजपाइयों की चाल है और कुछ नहीं सिर्फ और सिर्फ रिकाउंटिंग कराने के लिए ताकि वो बेईमानी कर सकें।
भूल जाओ कि ये सब क्योंकि सामने समाजवादी सिपाही डटकर खड़े हैं।








