आज गाँधी जयंती...
बापू ने हमें सिखाया कि सच्चा बल हथियार में नहीं, सत्य और अहिंसा में होता है।
सरल जीवन, स्पष्ट विचार और निडर सच बोलना—यही उनकी सबसे बड़ी विरासत हम सबको मिली है।
आज के दिन सिर्फ याद नहीं, उनके इन मूल्यों को अपने छोटे-छोटे कामों में उतारने की कोशिश करें।
सत्यमेव जयते।
EVM must go. Paper ballots only. Electoral rolls must be updated one year in advance. Election results must be declared same day.
क्या दिल्ली जंतर मंतर पर EVM हटाओ आंदोलन बड़ा और प्रभावी रुप लेगा..???
मेरी समझ से जनता को इस मुद्दे पर पूरे देश में साथ खड़ा होना होगा।
त्राहिमाम त्राहिमाम हर तरफ त्राहिमाम।
लगातार हो रही बारिश के बीच बिजली संकठ से हाय-तौबा मची हुई है। परंतु इस पर जिम्मेदार मोबाइल बंद कर आराम की नींद सो रहे । बेचारा गरीब किसान रात के अन्धाधुंध अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर,
पिछले तीन दिनों से बिजली के न आने से बिजली संचालित सभी उपकरण बंद पड़े हैं!
जहां लगातार हो रही बारिश से किसानों की फसलों पर संकठ मंडरा रहा है कच्ची पक्की फसलें खेतों में ही बिछी जा रही है बारिश के मौसम में पहले ही उड़द मूंग तिल्ली आदि की फसलों पर ग्रहण लग चुका है,किसान बेचारा खून के आंसू बहा रहा है।
मंहगाई की मार से ऐसे ही हलेकान है उस पर फसलों के चौपट होने की बर्बादी किसान अपनी आंखों से देख रहा है।
उस पर बिजली समस्या भी सर चढ़ कर बोल रही है। रात के अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई महिलाओं को खाना बनाने आदि में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कोई आश्वासन देने वाला भी नहीं,मवई पावर हाउस के जिम्मेदार जेई साहब का फोन नाटरिचेबल कबरेज क्षेत्र से बाहर बताता है,एस डी ओ साहब का फोन बन्द।
कई बार फोन करने के बाद लाइनमैन बताता है कि 33 हजार लाइन में फाल्ट चल रहा है,जो अभी ठीक होने की उम्मीद नहीं है।
अब किसान बेचारा अपनी समस्या किस को बतायें कि हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी खाना अंधेरे में ही खाना पड रहा है बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही महिलाओं को रात के अंधेरे में घरों का काम करना पड़ रहा।
ये तस्वीर बहुत कुछ कहती हैं...?
समाजवादी पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का विधायक राहुल लोधी जी के साथ चाय पीना उत्तर प्रदेश के लोधी वोटर और नेताओं को संदेश दे गया है
Next part...
आखिरकार अखिलेश यादव जी ने चुनावी बिगुल फूंक ही दिया....📢
और पीडिए रथ लेकर निकल चुके हैं जनता के बीच शुरुवात रायबरेली जनपद से हुई जो अब रुकने वाली नहीं है।
जो पीड़ित- वो पीडिए
इस समय यूपी मे बीजेपी और सपा मे राजनीतिक लड़ाई धीरे धीरे तेज होने लगी है, चुनाव मे भी 4-5 महीने ही बची है तो दोनों दलों मे AI वीडियो युद्ध छिड़ा हुआ हैं |
जहाँ बीजेपी अखिलेश यादव जी पर AI वीडियो के माध्यम से हल्ला बोल कर रहे तो वही दूसरी तरह सपा भी योगी जी के खिलाफ AI वीडियो से हल्ला बोल कर रही है जबाब दे रही है |
है तो दोनों लोगों के वीडियो गलत क्यूंकि राजनीती के लिए इतना स्तर गिराना सही नहीँ है, लेकिन ज़ब एक पार्टी ने इसकी शुरुआत की है तो दूसरी पार्टी को ईट का जबाब पत्थर से देना बनता ही है क्यूंकि आप शराफत शरीफों के साथ ही कर सकते है |
बस मेरा ये सुझाव है की अखिलेश जी को खुद वो वीडियो नहीँ चलाना चाहिए न ही प्रेस कांफ्रेस करते समय वो वीडियो चलाये और उस पर हँसे | इससे थोड़ा कद हल्का होता है, छवि गंभीर व्यक्ति से हल्के व्यक्ति की बन जाती है, अच्छा ये रहेगा की AI वीडियो पार्टी के IT सेल, पेज,सांसद विधायक के ID से चलवाइये जैसे बीजेपी कर रही है |
ये सब बहुत छोटी छोटी बात है लेकिन इसका छवि पर असर बहुत पड़ता है खासकर न्यूटरल मतदाताओं पर 😊













