अंडे की मार भूल गया?
कोई बात नहीं लेकिन यह मत भूलना कि अब बंगाल के लोगों को डरा कर चुनाव नहीं जीत सकते।
यह धमकी तुमको सत्ता से और दूर फेंक देगी।
@abhishekaitc
दरभंगा से RJD उम्मीदवार अनिल झा की जीत के बाद बीजेपी के सर्वेश कुमार उन्हें बधाई दे रहे हैं.
सर्वेश कुमार कह रहे हैं, "मैं खुश हूं कि अनिल जी जैसे सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता की जीत हुई है.“
#biharpolitics #mlcelection #darbhanga #biharnews
घटना महाराष्ट्र के लातूर की है. बशीर उस्मान शेख ने तीन दशक पहले आदर्श इंटरनेशनल स्कूल खोला. बशीर की बुरी नजर स्कूल की सुंदर लड़कियों पर थी. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसने 33 वर्षों में कम से कम 500 नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण किया.
Rajan Kumar Jha retweeted
दिवाली से 1 हफ्ते पहले Delhi के बाजारों के बीच रैली! व्यापारी बोले ₹10,000 करोड़ का नुकसान होगा...
CTI ने Rahul Gandhi को चिट्ठी लिखकर रैली 10 नवंबर के बाद करने की मांग की है। उनका कहना है कि Ramlila Maidan के पास चांदनी चौक, सदर बाजार जैसे 21 बड़े बाजार हैं, जहां Dhanteras और Diwali की खरीदारी चरम पर होती है। Traffic रुका तो कारोबार ठप होगा।
उधर Congress का दावा है कि रैली में कम से कम 10 लाख लोग जुटेंगे। जिनकी दुकानों पर त्योहार की रोजी-रोटी टिकी है, उनकी बात कौन सुनेगा? पूरा विश्लेषण video में....
#RahulGandhi #RamlilaMaidan #ChaloDelhi
Rajan Kumar Jha retweeted
Replying to @dhruv_rathee @narendramodi
एक तरफ कह रहा है वोट चोरी हुई. दूसरी तरफ वाराणसी की MLC सीट हारने पर ताने भी मार रहा है? घोड़ा-चतुर, घोड़ा-चतुर मत कर एक बात पर रह. या तो चोरी हुई या तो भाजपा हारी.
'चित मैं जीता, पट तू हारा' नहीं चलेगा समझा... भगोड़े.
28 में से 20 सीट जीतने वाली पार्टी को कह रही है हवा निकल गई?
अरे गालीबाज आंटी आपसे कई बार पूछ चुका हूँ बता दो बैलेट से हुए चुनाव में कांग्रेस कितनी सीटें जीत सकी? @SupriyaShrinate
• बनारस - PM नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र
• पटना - BJP अध्यक्ष नितिन नबीन का क्षेत्र
• नागपुर- देवेंद्र फड़नवीस और RSS का गढ़
BJP सब हारी - जब बैलट से चुनाव हुआ
सारे गढ़ ध्वस्त हो गए
सारी हीरोबाज़ी निकल गई
टाँय टाँय फिस्स
और मोदी जी की टीम तो उनकी फ़ज़ीहत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही
बड़ा ट्वीट ट्वीट खेल रहे थे
चलिए चुनौती है - कराइये सारे चुनाव बैलट पर
निपट जायेंगे - जैसे अभी गढ़ों में निपटे हैं
कांग्रेसी पीएम की डीपी वाले पत्रकार महोदय कांग्रेस पर क्यों नहीं बोल रहे?
बीजेपी देश भर की कुल 28 सीटों में से अकेले 12 सीटें जीत रही है और सहयोगियों को जोड़ लें तो संख्या 20 तक जा रही है.
बताओ पत्रकार से नेता बनकर बेपेंदी के लोटे बने 'राज्यसभा टिकट आकांक्षी' महोदय कांग्रेस का क्या हाल है?
बीजेपी प्रधानमंत्री की सीट बनारस में दोनों सीट हारी
बीजेपी रक्षा मंत्री की सीट लखनऊ में हारी
बीजेपी यूपी मुख्यमंत्री के गोरखपुर में बड़ी मुश्किल से जीती
बीजेपी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री के नागपुर में हारी
फिर भी बीजेपी बम बम है । उनके प्रवक्ता भी बम बम है । पत्रकार तो पहले से ही बम बम हैं ।
लेकिन डिबेट कर्नाटक पर है
जय हो
गणित के शिक्षक का काम बच्चों को गणित पढ़ना है, उससे संबंधित जानकारी साझा करना है या दिन-रात मोदी की आलोचना करना है?
देश के प्रधानमंत्री का काम विपक्ष की हार पर तंज कसना है या देश की जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया (SIR) को लेकर उठने वाले हर सवाल का निष्पक्ष और पारदर्शी जवाब सुनिश्चित करना?
प्रधानमंत्री जी, 28 सीटों का ज़िक्र तो कर दिया, लेकिन ये बताना भूल गए कि कांग्रेस ने चुनाव सिर्फ 12 सीटों पर लड़ा था और उत्तर प्रदेश में एक भी सीट पर नहीं। This is narrative building.
और @shubhankrmishra को लगता है बिहार के पत्रकारों/संपादकों के कारण लोग छठ महापर्व के विषय में जानते हैं।
#WATCH | Delhi | On Uniform Civil Code, Former Judge of the Supreme Court of India, Justice Sanjay Karol says, "If you want to see secularism and Article 44 in practice, you must visit Bihar, where people from different communities and religions come together to worship during Chhath Puja... When it comes to Article 44, my view, it is the need of the hour..."
कांग्रेस की सीट कितनी आई? @SupriyaShrinate शर्म होती तो यह महिला कम से कम एक दो दिन तक मीडिया से दूर रहती. पार्टी में आत्ममंथन चल रहा होता.
#WATCH | Delhi: On PM Modi's tweet, Congress leader Supriya Shrinate says, "There are two points. PM Modi has acknowledged that elections conducted via ballot are credible, while there is public skepticism regarding EVMs. As the Prime Minister, it is your responsibility to address and resolve this skepticism and conduct elections using ballots. Second, why did the BJP lose in Varanasi? If a Lok Sabha election were to be held using ballots, you could end up losing Varanasi entirely... By acknowledging that ballots are more credible, Prime Minister Modi is effectively admitting that there is an issue with EVMs... Explain how you lost Varanasi when ballots were used..."
वाराणसी सीट हार कर भी बीजेपी देश भर की कुल 28 सीटों में से अकेले 12 सीटें जीत रही है और सहयोगियों को जोड़ लें तो संख्या 20 तक जा रही है.
अब आप बताएं कांग्रेस कितनी सीटें जीत रही है? अच्छा वाराणसी में बीजेपी हारी तो कौन जीता कांग्रेस? नहीं?
तो हाथ उठा कर ईहो-ईहो काहे कर रही हो?
रामायण जैसे भव्य पौराणिक विषय पर बने गाने में जिस भक्ति, दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा की आशा थी, उसका अनुभव नहीं होता. कुमार विश्वास की लिरिक्स में वह गहराई और प्रभाव नजर नहीं आ रहा जो रावण की शिवभक्ति को एक यादगार संगीत अनुभव बना सके.
जो सीता और राम नाम की दिव्यता का अनुभव करा सके.
घटना महाराष्ट्र के लातूर की है. बशीर उस्मान शेख वर्षों से स्कूली बच्चों का यौन शोषण कर रहा था. वह आदर्श इंटरनेशनल स्कूल का संस्थापक और प्रिंसिपल है. इसी का फायदा उठाकर लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बना रहा था. पुलिस ने उसे दबोच लिया है.
पूरी रिपोर्ट 👇
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बशीर ने शिक्षा के मंदिर को बनाया शोषण का अड्डा... Latur में स्कूल Principal पर 500 नाबालिगों के शोषण का आरोप
Maharashtra के Latur में के Adarsh International School के founder-principal Bashir Usman Shaikh पर नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण के आरोप हैं। स्थानीय activists और Organiser की report का दावा है कि यह सिलसिला 1990 के दशक से यानी करीब 33 साल से चल रहा था। पीड़ितों की संख्या 500 तक बताई जा रही है।
पूरा मामला video में...
#Latur #LaturNews #POCSO #ChildSafety #JusticeForGirls #Maharashtra
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वैभव से कोई पर्सनल दुश्मनी?? क्या कारण हो सकता है कि एक teenager बच्चा जो मेहनत के दम पर आज भारत के लिए खेल रहा है उससे एक अधेड़ उम्र का आदमी इतना खुन्नस खाए बैठा है।।
Hey @grok पाटा पिच और छोटे ग्राउंड के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आज जो दर्जनों मौके मिलने के बाद वेलिंगटन में जो पारी खेली है,
उस वेलिंगटन मैदान की नाप जोख बता,
क्या वेलिंगटन दुनिया के सबसे छोटे बाउंड्री वाले क्रिकेट ग्राउंड में से एक है,
चारों दिशाओं में वेलिंगटन की क्रिकेट बाउंड्री कितने मीटर की है,
फीता लेकर पूरा नाप और सच बता,
इंडिया के लेखपालों की तरह नपाई जोखाई में बेईमानी मत करना,
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शुभांकर मिश्रा को छठ महापर्व की महिमा का ज्ञान नहीं है.
शुभांकर मिश्रा जी, यदि आपके बयान का आशय यह है कि बिहार के संपादकों और न्यूज एंकरों ने छठ पूजा की टोकरी दिखाकर इस पर्व को प्रसिद्ध बनाया, तो आपको बिहार की संस्कृति और छठ की महिमा को समझने की आवश्यकता है.
शुभांकर मिश्रा जी सुनिए- बिहार के नगरों व गांवों में पीढ़ियों से माताएं-बहनें इस महापर्व को पूरी निष्ठा से करती आई हैं. उन्होंने घंटों निर्जल उपवास रखा, नदी-तालाबों में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया और छठी मैया का कठिन व्रत रखा उनकी उपासना की.
लोकमान्यताओं के अनुसार, माता सीता ने छठ का व्रत किया था. महाभारत में सूर्यपुत्र कर्ण की सूर्योपासना का उल्लेख मिलता है. द्रौपदी और पांडवों की सूर्य आराधना की कथाएं भी प्रचलित हैं. इन प्रसंगों और लोकविश्वासों से जुड़ी यह परंपरा हमारी सभ्यता की गहरी जड़ों को दर्शाती है.
छठ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी शुद्धता, पवित्रता और कठिन साधना है. चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व आत्मसंयम, स्वच्छता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है. इसका प्रसाद हो, व्रत के नियम हों या उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा—हर रीति में श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत संगम है.
मीडिया ने इस पर्व को अपने टीआरपी के लिए कवर किया प्रसिद्ध करने के लिए नहीं. इस परंपरा में वो विशेषताएँ थी जिनको दिखाकर चैनल वालों ने दर्शक जोड़े टीआरपी कमाई. मीडिया के कैमरों ने किसी व्रती की तपस्या, उसकी आस्था और उसके मन का विश्वास पैदा नहीं किया.
छठ की प्रसिद्धि स्वयं छठी मैया और भगवान सूर्य से है. छठ पूजा करने वाले करोड़ों लोगों की आस्था ने इसे देश विदेश तक पहुंचाया है किसी चैनल के कैमरे और एंकर या संपादक ने नहीं. उन्होंने छठ की प्रसिद्धि का लाभ उठाया है. संपादकों या एंकरों ने यदि श्रद्धा वश इसपर रिपोर्ट बनाने या इसके प्रस्तुतीकरण का निर्णय लिया तो वह गलत नहीं था. मैं उसकी आलोचना नहीं कर रहा लेकिन मैं यह कह रहा हूं कि यदि इसमें किसी का स्वार्थ था तो वह चैनल वालों का था.
बिहारी संपादकों से आपके निजी संबंध अच्छे नहीं रहे हों, तो यह आपका निजी विषय है. लेकिन उस नाराजगी को बिहार और भारत के एक महान पर्व के मूल्यांकन का आधार बनाना उचित नहीं है.
बिहार की संस्कृति किसी संपादक की कृपा पर आश्रित नहीं है. छठ की प्रतिष्ठा किसी समाचार प्रस्तोता के प्रमाणपत्र से तय नहीं होती. यह पर्व अपनी पवित्रता, कठिन साधना और पीढ़ियों से चली आ रही आस्था के बल पर प्रतिष्ठित है.
छठ हमारी आस्था है। छठ हमारी पहचान है। छठ बिहार का गौरव और भारत की सांस्कृतिक धरोहर है.
जय छठी मैया! 🙏 @shubhankrmishra









