
Voice of GC,#ReservationRF_Movment | Political Analyst, Free Thinker | I don't know who I am, why I am, how I am or what I am for. I am confused,feeling less.😔
Uttar Pradesh, India
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बिहार के JDU समर्थक सभी कोइरी-कुर्मी भाइयों से विशेष आग्रह है - एक बार इस पोस्ट को शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें और अपना विचार कमेंट में जरूर लिखें।
नीतीश बाबू, अनंत बाबू, नीरज बाबू और JDU पार्टी द्वारा अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 वर्ष के लिए निष्कासित होने पर विस्तृत चर्चा :
अनंत सिंह का नीरज कुमार पर आरोप :-
1. 2015 विधानसभा : JDU ने अनंत सिंह को टिकट नहीं दिया, अनंत सिंह का कहना है नीरज ने उनका टिकट कटवा दिया, अनंत सिंह निर्दलीय जीता।
2. 2020 विधानसभा : अनंत सिंह RJD से था, JDU-BJP गठबंधन के खिलाफ लड़ा। तब भी नीरज कुमार मोकामा में प्रचार करके हरवाने गया। ये आरोप सिद्ध नहीं हुआ, नीरज जी अपने पार्टी का काम कर रहे थे, लेकिन फिर भी अनंत सिंह का विरोधी ही हुआ, पार्टी से हटकर बात करें तो।
3. 2022 उपचुनाव (मोकामा) : अनंत सजा से अयोग्य हुआ तो पत्नी नीलम देवी RJD से लड़ीं, नीरज JDU का चेहरा बनकर विरोध में था।
4. 2025 विधानसभा : अनंत को फिर JDU ने मोकामा से टिकट दिया, जेल में था, तब भी आरोप है कि नीरज ने अंदरखाने वोट कटवाया / हराने की कोशिश की।
यही वो 4 चुनाव हैं जिनका अनंत सिंह बार-बार जिक्र करता है - "हर बार इस आदमी ने मेरे खिलाफ काम किया है।"
लेकिन इसमें सबसे मुख्य आरोप 2025 का चुनाव है, जिसको JDU के सीनियर राजनेता और कर्ता-धर्ता ललन सिंह ने खुद अपने बयान से क्लियर किया है। आगे पढ़िए ललन बाबू के हालिया बयान, MLC चुनाव 2026 से पहले का।
ललन सिंह ने कहा - अनंत सिंह ने नीतीश जी को विश्वास मत के समय समर्थन दिया, फिर नीतीश के कहने पर ही JDU जॉइन करके मोकामा लड़ा, लेकिन 2024-25 विधानसभा में नीरज ने उसके खिलाफ अंदर से प्रचार किया। पार्टी को पता था, पर कोई एक्शन नहीं लिया। ये पार्टी की चूक है।
अनंत ने मेरी बात मानी है :-
नीतीश जी खुद ललन सिंह के घर गए, उसके बाद ललन ने अनंत सिंह से बात की। अनंत सिंह ने वादा किया - "मैं पब्लिक में नीरज कुमार के खिलाफ बयान नहीं दूंगा।" लेकिन साथ ही बोला - "जो मेरे लिए वोट नहीं मांगता, मैं उसके लिए वोट नहीं मांगूंगा।"
जैसी करनी वैसी भरनी :-
ललन का डायलॉग - "To every action there is an equal and opposite reaction. एक्शन हुआ तो रिएक्शन तो होगा ही।"
मतलब ललन ने भी मान लिया कि नीरज ने अनंत के खिलाफ काम किया था, और JDU के प्रदेश नेतृत्व ने अनंत की शिकायत को दबा दिया था।
पोस्ट का मुख्य बिंदु --
JDU ने अनंत सिंह और उनके पत्नी नीलम देवी को कल 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
कारण---
1. पार्टी समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करना।
2. जनसुराज के अनुज सिंह को समर्थन देना।
3. पार्टी और नेतृत्व के खिलाफ अभद्र भाषा बोलना।
खैर पहला और दूसरा पॉइंट में कोई दम नहीं है मेरे हिसाब से, सिर्फ इतनी बात रहती तो अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी दोनों आज भी पार्टी में बने रहते, चाहे वो नीरज कुमार के खिलाफ गए हों या अनुज सिंह को समर्थन किए हों।
कारण क्या है निष्कासन का, सभी बुद्धिजीवी समझ रहे हैं, भले बहुतों की बोलने में जुबान लड़खड़ा रही है।
अब मेरा विचार, किसी भी पार्टी संगठन को चलाने के लिए अनुशासन जरूरी होता है, नियम के विरुद्ध जाना किसी भी सदस्य के लिए उचित नहीं है, अगर ऐसा कोई करता है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
परंतु प्रश्न ये है, जब नीरज कुमार पार्टी के विरुद्ध जाकर JDU से चुनाव लड़ रहे अनंत सिंह के खिलाफ हराने की पूरी कोशिश कर रहे थे, तब यही शीर्ष नेतृत्व का अनुशासन किस नशे में धुत होकर सोया था? इस प्रश्न का जवाब है किसी के पास??
सवाल ये भी है कि नीलम देवी का कसूर क्या था? 2024 में सरकार बचाने वाली महिला को पति के नाम पर निकालना - यही है JDU का न्याय?
ललन सिंह ने अपने बयान में साफ-साफ कहा है, 2024-25 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह को नीतीश जी ने बुलाकर कहा आपको मोकामा से चुनाव लड़ना है, वहां ललन सिंह, संजय झा, नीरज कुमार सब थे, फिर भी नीरज ने पार्टी के खिलाफ काम किया।
अब कोइरी-कुर्मी भाइयों को मेरा सलाह है - बिना मतलब का उछलना बंद कीजिए, पार्टी ने जो किया उससे आपको खुशी हो सकती है।
लेकिन JDU और नीतीश कुमार को बिल्कुल भी खुशी नहीं है। कोई भी पार्टी नहीं चाहती कि कोई ऐसा सदस्य, जो चुनाव से पहले जीत की गारंटी देता हो और दूसरे उम्मीदवार को जिताने की भी क्षमता रखता हो, उसको पार्टी से निष्कासित किया जाए।
इसलिए सूझ-बूझ से और समझदारी से काम लीजिए, अनर्गल पोस्ट करके नीतीश जी की नैया को मत डुबाइए। अभी तो सिर्फ अनंत सिंह के समर्थक और अनंत सिंह JDU से टूट रहे हैं, आपके अनर्गल बयानबाजी से आप उनके समाज को भी JDU से दूर करने का काम कर रहे हैं।
अनंत सिंह का चाहे कुछ भी अपराधी रिकॉर्ड रहा हो, लेकिन अनंत सिंह 6 बार के विधायक हैं, एक बार निर्दलीय जीतकर बिहार विधानसभा पहुंच चुके हैं। उनमें इतनी क्षमता है कि पूरे बिहार में भूमिहार वोट को JDU के खिलाफ बड़ी मात्रा में कर सकते हैं।
ये पावर नीरज कुमार में नहीं है, भले वो 3 बार के MLC और एक बार मंत्री भी रह चुके हों। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के बाहर उनकी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं है ना कोई पहचानता है, इसलिए किसी भ्रम में मत रहिए।
अभी जो लोग पार्टी से निकलते ही अनंत सिंह को कुख्यात अपराधी बता रहे हैं, क्या पार्टी में रहते हुए अनंत सिंह साधु थे?
जो कह रहे हैं अब ये जेल के भीतर जाएगा, तो पहले क्यों बाहर था? इसका मतलब नीतीश कुमार अपने राजनीतिक फायदे के लिए एक अपराधी को पार्टी में शामिल करके रखे थे??
अब बताओ अपराधी पहले कौन? नीतीश या अनंत? जवाब दो???
इसलिए भाई अनर्गल बयान मत दीजिए, 6 साल बाद फिर वही नीतीश जी बुलाकर लाएंगे अनंत सिंह को।
अनंत सिंह अपराधी था तो पहले भी था, आज भी है। कोर्ट उसको सजा सुनाए, जेल भेजे। मैं किसी अपराधी का समर्थक नहीं हूँ, चाहे वो मेरी जाति का ही हो या किसी भी जाति का हो।
अपराधी अपराधी होता है, इसलिए जरूरत के हिसाब से अपराधी बनाने वाले और जरूरत के हिसाब से अपराधी को साधु बनाने वाले से विनती है, अपने आप से खुद प्रश्न करिए - आपके इस दोहरे चरित्र से बिहार बदल जाएगा, बिहारी विकास कर जाएगा??
अंतिम शब्द - नेता के चक्कर में आपसी भाईचारा खराब मत करो, कोई फिर एक साथ आएगा, अपराधी साधु बनेगा।
जय बिहार। 🙏🚩
Ashutosh Singh retweeted
का गुंजन जरा चारों राज्य के रिजल्ट देख के बतावा कांग्रेस के केतना सीट आईल बा।
मोदी जी का ये हाल कुछ ट्वीट करने को बचा ही नही।😜🤣
Ashutosh Singh retweeted
सामाजिक राजनेता अनिल बाबू को दरभंगा स्नातक सीट से जीत की बहुत- बहुत शुभकामनाएं साथ ही मैथिल समाज को भी बहुत-बहुत बधाई आपको अनिल जी जैसे सामाजिक नेता मिला।💐🙏
इस जीत की खुशी इतनी है जिसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है, सर्वेश बाबू ने बोला मेरी ये हार बताता है UGC को लेकर जनता में अभी भी गुस्सा है।
अनिल बाबू को गले लगाकर उनका सम्मान करना राजनीति के चका चौंध का सबसे खूबसूरत नजारा।
ये हार में हम GC एक्टिविस्ट की बहुत बड़ी जीत हुई है, कल तक जो महामानव और उनके बिहार के सब शीर्ष नेतृत्व जश्न मना रहे थे इस जीत का शायद परिणाम नहीं बदलता तो इन सवर्ण विरोधी शासक को कुछ भी असर नहीं होता है।
अनिल बाबू ने जीत अपने नाम कर इन सवर्ण विरोधी NDA सरकार के मुंह पर कालिख पोत दिए हैं।
अब भी इन सवर्ण विरोधी शासक का आंख नहीं खुला तो आगे का परिणाम झेलने के लिए तैयार रहे।
3,000 वोट अवैध बनाए गए, फिर 5,000 अवैध हुए फिर भी जीत हाथ से निकल गई बीजेपी की कोई हथकंडा काम नहीं आया।
अंतिम में नेता प्रतिपक्ष @yadavtejashwi और झा जी को जीत की बहुत- बहुत बधाई, आप दोनों का मेहनत और संगर्ष रंग लाया। 💐🙏
*Note :* विकल्प का डंडी रोना करने वालो सवर्णों और अंड भक्तों गाते रहो विकल्प का सोहर। 🤣😜
सनसनी खेज खुलासा सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है।🔥🔥
तिरहुत स्नातक निर्वाचन सीट पर जेडीयू के प्रत्याशी "अभिषेक झा" को हराने वाले निर्दलीय प्रत्याशी "बंशीधर ब्रजवाशी" जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
"भाजपा 🤝 जेडीयू" एकता जिंदाबाद, खेला तो अभी शुरू हुआ है.....😉
Ashutosh Singh retweeted
"ए नीतिशवा खैनी बनावा"😏
अनंत सिंह aka "छोटे सरकार" के लिए खैनी बनाता था नीतीश कुमार 😂
Ashutosh Singh retweeted
हद दोगलई देखने को मिल रहा है जो दोगला बाभन गाली देते थकता नहीं था संजीव दा को राजद ज्वाइन करने के बाद।
संजीव दा के जितने पर वो लोग भी आज लिख रहा है, UGC का विरोध करने वाले एक मात्र सवर्ण नेता, डॉ संजीव सिंह को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पटना के बिहार विधान परिषद सीट पर जीत का परचम फहराने के लिए हार्दिक बधाई.....🤔
ऐसे लोगों के लिए दो शब्द कमेंट में।👇
सामाजिक राजनेता अनिल बाबू को दरभंगा स्नातक सीट से जीत की बहुत- बहुत शुभकामनाएं साथ ही मैथिल समाज को भी बहुत-बहुत बधाई आपको अनिल जी जैसे सामाजिक नेता मिला।💐🙏
इस जीत की खुशी इतनी है जिसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है, सर्वेश बाबू ने बोला मेरी ये हार बताता है UGC को लेकर जनता में अभी भी गुस्सा है।
अनिल बाबू को गले लगाकर उनका सम्मान करना राजनीति के चका चौंध का सबसे खूबसूरत नजारा।
ये हार में हम GC एक्टिविस्ट की बहुत बड़ी जीत हुई है, कल तक जो महामानव और उनके बिहार के सब शीर्ष नेतृत्व जश्न मना रहे थे इस जीत का शायद परिणाम नहीं बदलता तो इन सवर्ण विरोधी शासक को कुछ भी असर नहीं होता है।
अनिल बाबू ने जीत अपने नाम कर इन सवर्ण विरोधी NDA सरकार के मुंह पर कालिख पोत दिए हैं।
अब भी इन सवर्ण विरोधी शासक का आंख नहीं खुला तो आगे का परिणाम झेलने के लिए तैयार रहे।
3,000 वोट अवैध बनाए गए, फिर 5,000 अवैध हुए फिर भी जीत हाथ से निकल गई बीजेपी की कोई हथकंडा काम नहीं आया।
अंतिम में नेता प्रतिपक्ष @yadavtejashwi और झा जी को जीत की बहुत- बहुत बधाई, आप दोनों का मेहनत और संगर्ष रंग लाया। 💐🙏
*Note :* विकल्प का डंडी रोना करने वालो सवर्णों और अंड भक्तों गाते रहो विकल्प का सोहर। 🤣😜
Ashutosh Singh retweeted
राजपूत 🤝 बाभन एकता जिंदाबाद, डॉ राहुल राज का सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत इसका उदाहरण है।🔥
हद दोगलई देखने को मिल रहा है जो दोगला बाभन गाली देते थकता नहीं था संजीव दा को राजद ज्वाइन करने के बाद।
संजीव दा के जितने पर वो लोग भी आज लिख रहा है, UGC का विरोध करने वाले एक मात्र सवर्ण नेता, डॉ संजीव सिंह को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पटना के बिहार विधान परिषद सीट पर जीत का परचम फहराने के लिए हार्दिक बधाई.....🤔
ऐसे लोगों के लिए दो शब्द कमेंट में।👇
राजपूत 🤝 बाभन एकता जिंदाबाद, डॉ राहुल राज का सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत इसका उदाहरण है।🔥
Ashutosh Singh retweeted
कॉन्ग्रेस के शून्य को प्राथमिकता देने से बिहार और UP में भाजपा का परिणाम छुप नहीं जाता। कॉन्ग्रेस से स्वयं कॉन्ग्रेस को भी आशा नहीं थी, पर आप उसको ट्रोल करके पा क्या लोगे?
बिहार में सवर्णों ने राजद तक को वोट दे दिया (क्योंकि भूमिहार प्रत्याशी था), सजातीय निर्दलीय को जिताया, जन सुराज को जिताया। ये आपको यदि नहीं दिख रहा है, जैसे बाँकीपुर नहीं रजिस्टर हो रहा था, तो रहिए मूर्खों के स्वर्ग में।
'वाराणसी में तो पहले से ही सपा थी!' अरे, क्या हुआ डबल इंजन का? मतलब आप स्वीकार रहे हो कि शिक्षकों और छात्रों में मोदी-योगी-भाजपा का कोई क्रेज नहीं है? 27,000 की बढ़त और मार्जिन में आपको दिख नहीं रहा समीकरण कहाँ जा रहा?
कॉन्ग्रेस से क्या आशा थी? अपना ढेढर ना देखे, दूसरे की फूली निहारे!
मैं इन चुनावों में अधिक नहीं पढ़ता था, पर जब से ये चटुआ गिरोह के मूर्ख गुजरात के निकाय चुनावों में जीत को UGC पर रेफरेंडम बता रहे थे और झारखंड में हुई हार पर चुप होते थे, तब से इनको याद दिलाना आवश्यक है कि प्रबुद्ध युवा और शिक्षक अब अपने विकल्प देख रहा है। ये वो लोग हैं जो कक्षा में बच्चों को पढ़ाते हैं, कहीं ना कहीं नैरेटिव शेप करते हैं। यह भी रेफरेंडम नहीं है, पर संकेत अवश्य है एक क्षेत्र का।
100-200 वोट अधिकारी मैनेज कर भी देते हैं, यदि कोई नेता उन्हें माँ-बहन की गाली देता फिरे, पर 4000 या 27000 की बढ़त मैनेज नहीं होती, सरकार कोई भी हो। यूपी के जितने जानकार हैं, वो बताएँ कि इस बार प्रदेश भाजपा (मूलतः योगी) चुनावों से पूर्व कितना बल लगा रही थी?
विधान परिषद् चुनावों में यदि आपको CM की रैली और भाषणों की आवश्यकता पड़े, और आपका स्कोर 6-5 रहे, तब बैठ कर आत्ममंथन कीजिए। मोदी की बकलोली वाली पोस्ट और genZ इमोजी का उतना ही अंतर पड़ रहा है जितना डैश उखाड़ने से मुर्दे के भार पर पड़ता है।
सत्य को स्वीकारो और जगो। कोई नहीं चाहता अखिलेश आए, राहुल आए, पर तुम्हारा नीला प्रेम सब को अपने विकल्प और जाति को देखने को विवश कर रहा है। हर चुनाव, हर निर्णय ऐसा आता जा रहा है जैसे सवर्ण इस देश का हिस्सा केवल मोटा टैक्स भरने के लिए और मोदी की घटिया, दो कौड़ी की, जातिवादी, समाज विभाजनकारी नीतियों को फण्ड करने के लिए है।
सुधर जाओ, थोड़ा समय है अभी भी।
Ashutosh Singh retweeted
🤣😂😂 @ajeetbharti ई का हुई गवा
Ashutosh Singh retweeted
हेलो @NitishKumar चा ई संजैया के चक्कर में सब गु-गोबर हो गैलो हमे कहने रिहो तोरा सुनलो ने।
अभियो मौका छो निशांत भाय के संजय के संगत से दूर करो।
ने ते धृतराष्ट्र बनल रहो ई संजय भी पूरा महाभारत में कौरव के तरह शहीद हुए के कथा अपना दिव्य दृष्टि से सुनेते रहतों।🤭😜
Ashutosh Singh retweeted
दरभंगा स्नातक - सर्वेश कुमार सिंह (BJP) और पटना स्नातक - नीरज कुमार (JDU) दोनों विजयी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई!💐💐
Ashutosh Singh retweeted
🚨 *बिग ब्रेकिंग - गौ न्याय* 🚨
गौ माता के अपराधियों को मिला इतिहास का सबसे कड़ा दंड!
गुजरात के कलोल कोर्ट ने गौहत्या और गोमांस तस्करी के घिनौने मामले में 3 आरोपियों को *आजीवन कारावास* की सजा सुनाई है।
*क्या हुआ था?*
अगस्त 2024 में 277 किलो गोमांस के साथ पकड़े गए थे ये तस्कर, जो इस पवित्र मांस को अवैध रूप से बाजार में बेचने की तैयारी में थे।
*कोर्ट का ऐतिहासिक संदेश:*
माननीय जज बी.आर. राजपूत जी ने वेदों का हवाला देते हुए कहा -
"गाय केवल पशु नहीं, ब्रह्मांड की माता है। इसकी रक्षा धर्म है, करुणा है। अगर आज सजा नहीं दी तो कल गौ माता का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।"
सजा के साथ-साथ प्रत्येक दोषी पर लाखों का जुर्माना भी लगाया गया।
ये फैसला हर गौ भक्त के लिए गर्व का विषय है।
सनातन की जीत हुई है!
















