Some of us feel the PAIN because of CHANGE and some CHANGE because of the PAIN.
कुछ लोग बदलाव के कारण दर्द महसूस करते हैं, जबकि कुछ लोग दर्द के कारण बदलाव लाते हैं।
M.V.S.Rao(Dinesh) retweeted
जिसे सरदार पटेल को मजबूरी में संभालना पड़ा था। 1954 में राष्ट्रपति आदेश से 35A लाना भी नेहरू जी का ही फैसला था, महाराजा हरि सिंह का नहीं। इतिहास को अपने हिसाब से तोड़ना-मरोड़ना बंद कीजिए!
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कांग्रेस के मीडिया सलाहकार से इससे बेहतर उम्मीद भी क्या की जा सकती है? 1987 के कश्मीर चुनाव में कांग्रेस-NC की धांधली ने घाटी में आतंकवाद को जन्म दिया, JKLF जैसे संगठन राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते फले-फूले। कश्मीर की हर समस्या की जड़ नेहरू जी की नीतियां थीं,
कश्मीर का सच
संविधान सभा में जिस दिन धारा 370 पास हुई उस दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू अमेरिका में थे। सरदार पटेल ने विरोध कर रहे कांग्रेसी सदस्योंको समझा-बुझाकर अकेले दम पर धारा 370 बात कराई थी।
सरदार पटेल धारा 370 को भारत और कश्मीर को मजबूती और हृदय से जोड़ने वाला पुल मानते थे। धारा 370 कश्मीर और भारत के बीच में दीवार नहीं बल्कि व्हीकल ऑफ एक्सेशन थी।
धारा 35a कश्मीर के महाराजा हरी सिंह विशेष इच्छा पर संविधान में शामिल की गई थी। कश्मीर पर बातचीत के दौरान शेख अब्दुल्ला से बातचीत पंडित नेहरू करते थे और राजा हरि सिंह से बातचीत सरदार वल्लभ भाई पटेल करते थे।
शेख अब्दुल्ला जब तक भारतीय गणराज्य के साथ पूर्ण प्रतिबद्धता से जुड़े हुए थे, तब तक नेहरू जी ने उन्हें पद पर रहने दिया। लेकिन जैसे ही शेख अब्दुल्ला के सुर बदले अपना परम मित्र होने के बावजूद नेहरू ने अगले 10 साल तक उन्हें जेल में डाल दिया।
नेहरू जी, शास्त्री जी, इंदिरा जी और राजीव गांधी के समय में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों का पलायन नहीं हुआ। कश्मीरी पंडितों का नरसंहार और पलायन तब शुरू हुआ जब भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से जनता दल की सरकार केंद्र में बनी।
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मैडम, देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत जी के निधन पर "रोल खत्म, खेल खत्म" लिखने वाली आपकी घृणा को देश भूला नहीं है। जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक सबूत मांगे, वो आज वायुसेना के हितैषी बनने का ढोंग न करें। कांग्रेस की राजनीति चमकाने के लिए सेना के सम्मान का इस्तेमाल करना बंद करें!
unavailable
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ज्ञान ऐसा बांटते हैं जैसे खुद ही सर्वोच्च न्यायालय हों, लेकिन जब सामने से तार्किक जवाब मिला तो सीधे ब्लॉक कर दिया! सच का सामना करने का दम नहीं है, बस सरकार की आलोचना करके अपनी दुकान चलानी है। डर अच्छा है अजय कुमार!
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बिना पढ़े-लिखे 'फॉरेन करेंसी' जैसे भारी शब्दों का इस्तेमाल करने से कोई अर्थशास्त्री नहीं बन जाता @AjayKumarKhemka। तथ्यों के साथ घेरा गया, तो अचानक 'समय की बर्बादी' याद आ गई। सच तो यह है कि तुम्हारे पास मेरे तर्कों का कोई जवाब नहीं था। ब्लॉक बटन के पीछे छिपकर अपनी कायरता मत छुपाओ
HARYANVI SONG, A HIT ON THE INTERNET!
Such a soothing melodious, rhythmic and romantic song & dance sequence, just out of the world!
Especially love the lyrics when the man in red jacket serenades "..... भैंस भी तेरा, ऊंठ भी तेरा, टिक्की खाले समोसा खाले, जूते खाले, हम पांच कंवारे भाई है, एक मरेगा चार रेडीमेड जमाई है ....." to the woman in white who is gesturing as if at some protest site before the Parliament House😄
Zindagi Kaisi Hai Paheli
Vocal : Kavita Krishnamurti
Original Singer: MANNA DEY
Music Director: SALIL CHOWDHURY , Lyricist: YOGESH
भाइयों ये जो अमीर खुसरो का "छाप तिलक तोसे नैना मिलाइके " वाला जो गाना बहुत ही पुराना है और इसे अनगिनत गायकों ने गाया है। जितने भी विधर्मी गायक हैं, उनके लिए बिलकुल ठीक है और उस समय ये उतना नहीं जाना जाता था, और लोगों को इसका मतलब भी नहीं मालूम था।
अब ये आज के दौर की सोशल मीडिया पर लगातार आने के बाद लोग इसे समझने लगे हैं, और वो भी तब ज़ब अपने देश में धर्मान्तरण के मामले बढ़ने लगे हैं, तब से ये ज्यादा जाना जाने लगा है। इस गाने का अर्थ ही एक धर्मान्तरण को प्रोत्साहित करना है,
और अब ये बहुत ही दुख और चिंता का विषय है। ये जो विख्यात हिन्दू वादी माने हुऐ गायक और कथावाचक लोग इस वीडियो में शंकर महादेवन ऒर जया किशोरी जी जो भरी महफ़िल में गाने को गाते हुऐ दिखाया है। इसका क्या मतलब है
क्या इनको इस गाने का अर्थ नहीं मालूम या इसे शौक के तौर पर अनजाने में गा रहें है।
मेरा ऐसा मानना बिलकुल गलत है, इन दोनों को इस गाने का अर्थ मालूम होते हुऐ भी ये लोगों को झूमने पर इसलिए मजबूर कर रहें हैं, क्यूंकि इनके अंदर पैसे के बल पर सेक्युलर नाम का कीड़ा डाला गया है, ताकि ये लोग ये गाके धर्मान्तरण को प्रोत्साहित करते रहें और ऐसे लोग इस देश में रहकर देश और हिन्दू समाज की माचो रहें।
इन दोनों के पास पैसों की कमी नहीं है, फिर भी ऐसी क्या मज़बूरी है कि हिन्दू और हिंदुत्व को खत्म करने में लगे हुऐ हैं। विचार अवश्य करियेगा.......
जन्मदिवस की अनेकानेक बधाईयां और शुभकामनाएं
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ 🥘🥪🍣 Disha
महादेव की कृपा सदैव बनी रहे 🙏❣️❣️
@Lucid_Direction @luciddirection
श्रद्धा और शंका दोनों एक स्थान पर रह नहीं सकते हैं ।
क्योंकि श्रद्धा का जन्म......
अटल विश्वास- सच्ची भक्ति -
प्रेम-भाव से उत्पन्न होता है,
और
शंका का जन्म.....
अविश्वास- मानसिक अस्थिरता - कुशँका - बुरा व्यवहार, ख़राब संगत से होता है ।
हमें ही निर्णय लेना है कि हमें क्या करना चाहिए ।
जुग-जुग जियो मेरे लाल!
अनन्त अम्बानी का एक इण्टरव्यू देखा। जिसमें वह बता रहे थे कि उनके पास नौ लाख "गायें" हैं, जिनमें से सात लाख तो ऐसी हैं जो दूध देने में सक्षम नहीं हैं। यानि जिनसे कुछ आय नहीं होती, उनकी सेवा और देखभाल हो रही है।
उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में "गायों" का वध होता है, वहाँ बूचड़खानों के आसपास उनकी गाड़ियाँ और कर्मचारी तैनात रहते हैं। सूचना मिलते ही "गायों" को छुड़वाया जाता है। उनके अनुसार, अब तक लगभग पचास हजार "गायों" को इस तरह मुक्त कराया जा चुका है।
"हाथियों" के लिए अनन्त अम्बानी जो काम कर रहे हैं, वह भी हम सब जानते हैं। "मूक प्राणियों" के लिए इतना बड़ा प्रबन्ध करना कोई छोटी बात नहीं है।
अब जो व्यक्ति प्रायः यह सोचकर कुढ़ते हैं कि मुकेश अम्बानी पर "माता लक्ष्मी" इतनी कृपालु क्यों हैं, उन्हें अम्बानी परिवार के बच्चों के संस्कार भी देखने चाहिए।
सोचिए जिस घर में धन की कोई कमी नहीं, विलासिता जहाँ सामान्य बात है... वहाँ धन का उपयोग केवल सुख-सुविधाएँ जुटाने और साम्राज्य बढ़ाने में ही नहीं हो रहा... बल्कि अपने "धर्म, मानवता और समाज के कल्याण" के लिए भी हो रहा है।
जहाँ तनिक सी सम्पन्नता आ जाने पर व्यक्तियों के हाव-भाव बदल जाते हैं, उनका घमण्ड सातवें आसमान पर होता हैं, ऐसे में अम्बानी परिवार के बच्चे अपनी विनम्रता, सज्जनता और संस्कारो से सबका मन मोह लेते हैं। अनन्त का Jio मीटिंग में आज का सम्बोधन देखें। मैंने अपने जीवन में देश-विदेश के अनेक महान व्यक्तियों को सुना या उनसे बातचीत की है। परन्तु यह बिल्कुल अलग, निश्छल था। अनन्त की बातें हृदय के अन्तःकरण को स्पर्श करती हैं।
कोई धनी अपने ऐश्वर्य का प्रदर्शन करता है, तो कोई उसी ऐश्वर्य के सहारे उन जीवों का जीवन सँवारता है, जो बोलकर अपनी पीड़ा तक नहीं बता सकते।
"माता लक्ष्मी" की कृपा केवल धनवान होने में नहीं, बल्कि उस धन के साथ "करुणा, सद्बुद्धि, बल, साहस और त्याग" में भी है।
धन-सम्पत्ति देखकर ईर्ष्या करने वालों को पहले यह भी देख लेना चाहिए कि उस धन से हो क्या रहा है। ये बच्चे "अपने धर्म, अपने समाज और प्राणियों के लिए कितने समर्पित हैं।"
बाकी तो...
जय श्री कृष्ण।
(साभार)
M.V.S.Rao(Dinesh) retweeted
Kapil Sibal और Mamata Banerjee का नाम Supreme Court से फिर चर्चा में आ गया।
सिब्बल ने कोर्ट से सीधा पूछ लिया कि अब ममता मुख्यमंत्री नहीं हैं तो आदेश देने की ज़रूरत ही क्या है?
बंगाल में अब दूसरी पार्टी की सरकार है और वो खुद जांच CBI को भेज सकती है।
अब ये भी समझ लीजिए कि मामला क्या था!
जनवरी में ED ने TMC की..1/2
M.V.S.Rao(Dinesh) retweeted
Replying to @dineshraomvs
कोई बड़ी बात नहीं है। कौन सा गरीब अपने को खुद लुटवाना पसंद करता है। राम लीला मैदान से 20 किमी दायरे में जितने भी दुकानदार हैं उन सबको लाठी डंडा लाकर वहां आए हिंदू विरोधियों का सही सम्मान करना चाहिए। इन जमीनों को भी तो पता चले अब हिन्दू जाग गया है। जय श्रीराम!
तोंद किसे कहते हैं...?
अपने ही प्लॉट पर,
अपने ही द्वारा किया गया
बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण! 😜
न परमिशन, न सेटबैक,
बस रोज़ थोड़ा-थोड़ा एक्सटेंशन! 😂
सुबह पोहे, कचौड़ी, हलवे का नाश्ता, दोपहर लड्डू, दाल-बाटी, बाफले का खाना,
शाम चाय और
रात को छोले-भटूरे, पुलाव का भोज
यानि
निर्माण कार्य निरंतर जारी! 🤣
सबसे बड़ी खासियत—
🚜 बुलडोज़र भी इसे हटा नहीं सकता,
क्योंकि मालिक खुद ही रोज़ एक मंज़िल बढ़ा रहा है! 😆
तोंद नहीं साहब
ये तो मेहनत की कमाई का
चलता-फिरता गोदाम है।
🤣🤣🤣🤣🤣

















