
दर्शन • अध्यात्म • विज्ञान • Philosophy • Matrix • Thoughts • Exploring Quantam Reality, Consciousness & Existence. @pradeepanandd
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What is my life for and what am I going to do with it? I don't know and I'm afraid.
~ Sylvia Plath
कह सके कौन कि ये जल्वागरी किस की है,
पर्दा छोड़ा है वो उस ने कि उठाए न बने।
ग़ालिब यहाँ ईश्वरीय रहस्य की ओर इशारा करते हैं। पूरी सृष्टि में परमात्मा की झलक मौजूद है, लेकिन उसका वास्तविक स्वरूप आज भी ओझल है। उसने अपने और मनुष्य के बीच सृष्टि का ऐसा पर्दा रखा है, जिसे हटाकर उसके संपूर्ण अस्तित्व को समझ पाना मानवीय बुद्धि की सीमा से परे है।
आने वाले कुछ ही सालों में इंसान AI के ज़रिए जानवरों से बातें कर पाएगा। अभी बहुत बड़े स्तर पर रिसर्च हो रही है कि क्या AI से जानवरों से संवाद संभव है, और कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि 2030 तक AI जानवरों की भाषा को डिकोड कर लेगा। बहुत बड़े स्तर पर AI को दिन रात अलग अलग जानवरों के बीच रख के रिकॉडिंग करी जा रही है।
कल्पना कीजिए एक ऐसा भविष्य जहाँ वैज्ञानिक जानवरों के दर्द, डर, सामाजिक अलगाव और संकट से जुड़े संकेत भरोसेमंद तरीके से पहचान सकें। यह क्षमता इंसानों के जानवरों के साथ व्यवहार को बदल पूरी तरह बदल देगी।
मधुमक्खियाँ भोजन के स्थान की जानकारी देने के लिए वैगल डांस करती हैं। शोधकर्ताओं ने एक रोबोट बनाया जो वही डांस करता है। कुछ असली मधुमक्खियों ने रोबोट की हरकत का अनुसरण किया, और ट्रैक की गई कुछ मधुमक्खियाँ बताए गए स्थान की ओर उड़ गईं।
संचार का मतलब सिर्फ़ बोले गए शब्द या आवाज़ें नहीं हैं। एक जानवर ध्वनि, गति और इशारों, रासायनिक संकेत, दृश्य प्रदर्शन, स्पर्श और अन्य संवेदी सुरागों के ज़रिए भी संवाद कर सकता है।
क्या मनुष्य जानवरों के साथ दो-तरफ़ा संवाद स्थापित कर सकते हैं? ये सब भी जल्दी ही पाॅसिबल होगा।
अब पूरे जंगल को रोशन करने वाली टॉर्च हमारे हाथ में है। इंटरनेट ने अरबों मनों की साझा रोशनी जुटाई, और AI ने उसमें प्राण फूँक दिए।
AI से कुछ भी सीखने के 15 चरण
- लक्ष्य तय करें।
- विषय का खाका बनाएँ।
- बुनियादी बातें सीखें।
- कठिन बातें सरल करें।
- उदाहरणों से समझें।
- स्वयं सोचें।
- संकेत लेकर हल करें।
- गलतियाँ सुधारें।
- तथ्यों की जाँच करें।
- मूल स्रोत पढ़ें।
- अपने शब्दों में लिखें।
- याद करें और दोहराएँ।
- खुद का परीक्षण करें।
- ज्ञान का प्रयोग करें।
- स्वतंत्र रूप से सोचें।
क्या केवल सत्य जानना पर्याप्त है?
एक गणितज्ञ ईश्वर से पूछता है कि रीमैन हाइपोथीसिस सत्य है या नहीं। उत्तर मिलता है हाँ, यह सत्य है। लेकिन गणितज्ञ अगला प्रश्न पूछता है: लेकिन आपको कैसे पता?
यह कहानी गणितीय खोज के पीछे की एक गहरी प्रेरणा को सामने लाती है। हम केवल किसी तथ्य को सत्य घोषित होते देखना नहीं चाहते। हम यह जानना चाहते हैं कि वह सत्य क्यों है, उसके पीछे कौन-सी संरचना है और कौन-सा तर्क उसे अनिवार्य बनाता है। यदि हमें केवल यह बताया जाए कि कोई प्रमेय सत्य है, तो हमें एक निष्कर्ष मिल जाता है। लेकिन प्रमाण यह दिखा सकता है कि वह निष्कर्ष दूसरे गणितीय विचारों से कैसे जुड़ा है। इसीलिए प्रमाण की सुंदरता उसके सही होने के साथ-साथ उसके पीछे के विचार में भी हो सकती है।
The future of mathematicians is not to solve problems, but to find them. यानी भविष्य का गणितज्ञ उत्तर देने वाला नहीं, प्रश्न ढूँढने वाला होगा।
AI के युग में अच्छे प्रश्न पूछने की क्षमता का महत्व बढ़ सकता है। एक छोटे प्रश्न का समाधान उन उपकरणों और विचारों को जन्म दे सकता है जो आगे बड़ी समस्याओं को हल करने में काम आएँ।
प्रश्न पूछने की तीन अलग-अलग क्षमताएँ:
1. समस्या पहचानना
2. समस्या को छोटे प्रश्नों में बाँटना
3. दिशा और महत्व चुनना
जिस व्यक्ति को केवल उत्तर चाहिए, वह AI से उत्तर प्राप्त कर सकता है। लेकिन जो व्यक्ति समझना चाहता है कि कौन-सा प्रश्न महत्वपूर्ण है, वह AI का उपयोग अपनी सोच को विस्तृत करने के लिए कर सकता है। अंतर केवल AI के इस्तेमाल में नहीं, बल्कि उपयोगकर्ता की बौद्धिक मंशा में भी है।
एक दिन जी, मगर ताज बनकर जी। पुजारी नहीं, खुद भगवान बनकर जी। न बीता कल, न आने वाला कल, तू बस आज बनकर जी। क्या नशीली तेरी जवानी है जिसके आगे चला भी पानी है और मैं तो खोया था तेरे जलवों में तेरे, लोग समझे कि कोई ध्यानी है।
Not yesterday, not tomorrow, only today.
नफ़रत भी कोई करने की चीज़ है? सब्र कीजिए, दया कीजिए, माफ़ कीजिए और जाने दीजिए। इतनी सस्ती नहीं है आपकी ज़िंदगी कि आप उसे नफ़रत करने में बर्बाद कर दें।
जिनके पास पैसा नहीं होता, वे जानकारी जुटाने के आदी होते हैं, जबकि अमीर लोग काम को अंजाम देने के जुनूनी होते हैं। विडंबना यह है कि सही जानकारी भी आख़िरकार अमल करने से ही मिलती है। इसलिए जुनूनी बनिए, कुछ कीजिए सिर्फ़ पढ़ते और जानकारी ही इकट्ठा न करते रहिए।
मुस्कुराओ, गुनगुनाओ, हर दिन को त्योहार बनाओ। सब्र रखो, कर्म करो, और फल की चिंता कम करो। हँसते जाओ, चलते जाओ, सबके दिल में जाते जाओ। कल की चिंता, कल पर छोड़, आज की ख़ुशियों से नाता जोड़।
यही है जीवन का सार..!!
अच्छी जीवनशैली के 10 अटल नियमों की सूची
- खूब पढ़ो।
- खूब वज़न उठाओ।
- खूब दौड़ो।
- सबसे पहले धूप लो।
- लंबे समय तक नहाओ।
- जो शुरू करो, उसे पूरा करो।
- प्रकृति के बीच समय बिताओ।
- बिना सफ़ाई दिए ना कहो।
- रोज़ कुछ न कुछ लिखो।
- लोगों की बकवास से दूर रहो।
आपने मुझसे कमेंट्स में पूछा, क्या पढ़ें?
अफ़लातून पढ़ें, सुकरात पढ़ें, अरस्तू का ज्ञान पढ़ें। स्पिनोज़ा और देकार्त के बाद इमैनुएल कांट पढ़ें। ज़िंदगी से त्रस्त हैं तो सार्त्र पढ़ें, उनकी साथी सिमोन और दोस्त कामू का भी ध्यान करें। विटगेन्स्टाइन, हाइडेगर और नीत्शे के बाद गोडेल, एशर, बाख पढ़ें। ह्यूम, हेगेल और मार्क्स पढ़ें। 'एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट' पढ़ें।
तथ्य को आकार देने वाले कुछ उपन्यास पढ़ें: ऑरवेल पढ़ें, वोनेगट पढ़ें, ऑल्डस हक्सले पर विचार करें। दोस्तों के साथ मिलकर दोस्तोयेव्स्की का पाठ करें। मार्केज़ पढ़ें, बुल्गाकोव पढ़ें, डॉयल, ह्यूगो, वर्न, हेमिंग्वे, आइज़ैक असिमोव पढ़ें। किशिमोतो, इसायामा, इचिरो ओडा, जुंजी इतो पढ़ें।
इतना पढ़ें कि अज्ञान भी ज्ञान का स्रोत लगे। वेद और पुराण पढ़ें, साथ में तोरा और क़ुरआन पढ़ें। अगर थोड़ा ज़्यादा हो जाए तो हरमन हेस्से की सिद्धार्थ पढ़ें, हिचहाइकर्स गाइड पढ़ें, इन्फिनिट जेस्ट का पाठ करें। रात को कंबल ओढ़कर थोड़ा रुवैल दाल पढ़ें। आर्कहम असाइलम, हाउस ऑफ़ एम, किंगडम कम और सिविल वॉर पढ़ें। ओशो, जिद्दू और बिंदु और टैगोर को भी प्रणाम करें।
इतना पढ़ने पर भी किसी पर भी विश्वास न करें। तर्क लगाकर सबको समझें, अपने आप को न कुर्बान करें। पढ़ें, मगर सिर्फ़ पन्ने नहीं, उनके बीच के सवाल पढ़ें। दुनिया को समझने निकले हैं, तो ख़ुद को भी बार-बार पढ़ें।
ठीक है, जय हिंद।
- प्लेटो : दर्शनशास्त्र
- सुकरात : नैतिक दर्शन
- अरस्तू : तर्क और विज्ञान
- बारुख स्पिनोज़ा : तर्कवादी दर्शन
- रेने देकार्त : आधुनिक दर्शन
- इमैनुएल कांट : ज्ञानमीमांसा और नैतिकता
- जाँ-पॉल सार्त्र : अस्तित्ववाद
- सिमोन द बोउवार : नारीवादी दर्शन
- अल्बेयर कामू : बेतुकापन का दर्शन
- लुडविग विट्गेन्स्टाइन : भाषा और तर्क
- मार्टिन हाइडेगर : अस्तित्व का दर्शन
- फ्रेडरिक नीत्शे : नैतिकता और नास्तिकता
- कर्ट गोडेल : गणितीय तर्कशास्त्र
- एम. सी. एशर : गणितीय कला
- योहान सेबास्टियन बाख : शास्त्रीय संगीत
- डेविड ह्यूम : अनुभववाद और संशयवाद
- जी. डब्ल्यू. एफ. हेगेल : द्वंद्वात्मक दर्शन
- कार्ल मार्क्स : साम्यवाद और राजनीतिक अर्थशास्त्र
- बी. आर. आंबेडकर : जाति उन्मूलन
- जॉर्ज ऑरवेल : राजनीतिक डिस्टोपिया
- कर्ट वोनेगट : व्यंग्य और मानवतावाद
- ऑल्डस हक्सले : डिस्टोपियन साहित्य
- फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की : मनोवैज्ञानिक साहित्य
- गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ : जादुई यथार्थवाद
- मिखाइल बुल्गाकोव : व्यंग्यात्मक साहित्य
- आर्थर कॉनन डॉयल : जासूसी साहित्य
- विक्टर ह्यूगो : सामाजिक साहित्य
- जूल्स वर्न : विज्ञान-कथा
- अर्नेस्ट हेमिंग्वे : संक्षिप्त लेखन शैली
- आइज़ैक असिमोव : विज्ञान-कथा
- मासाशी किशिमोतो : मंगा और कहानी-कला
- हाजिमे इसायामा : डार्क फैंटेसी
- इइचिरो ओडा : साहसिक मंगा
- जुंजी इतो : हॉरर मंगा
- वेद : प्राचीन भारतीय ज्ञान
- पुराण : हिंदू पौराणिक कथाएँ
- तोरा : यहूदी धर्मग्रंथ
- क़ुरआन : इस्लामी धर्मग्रंथ
- हरमन हेस्से : आध्यात्मिक साहित्य
- डगलस एडम्स : हास्य विज्ञान-कथा
- डेविड फोस्टर वॉलेस : उत्तर-आधुनिक साहित्य
- आर. एल. स्टाइन : डरावना साहित्य
- बैटमैन: आर्कहम असाइलम : मनोवैज्ञानिक कॉमिक्स
- हाउस ऑफ़ एम : सुपरहीरो कॉमिक्स
- किंगडम कम : सुपरहीरो विमर्श
- सिविल वॉर : राजनीतिक सुपरहीरो संघर्ष
- ओशो : अध्यात्म और ध्यान
- जिद्दू कृष्णमूर्ति : आत्म-अन्वेषण और स्वतंत्रता
- बिंदु : संदर्भ अस्पष्ट
- रवींद्रनाथ टैगोर : कविता और मानवतावाद
नास्तिकता, तर्कवाद और स्वतंत्र चिंतन: 60 महत्वपूर्ण पुस्तकें एवं उनके लेखक अगर आपकी नास्तिकता में गहरी रुचि है।
चरण 1: नास्तिकता की शुरुआत
1. एथीइज़्म: अ वेरी शॉर्ट इंट्रोडक्शन - जूलियन बैगिनी
2. वाई आई एम नॉट अ क्रिश्चियन - बर्ट्रेंड रसेल
3. लेटर टू अ क्रिश्चियन नेशन - सैम हैरिस
4. द गॉड डिल्यूज़न - रिचर्ड डॉकिन्स
5. गॉड इज़ नॉट ग्रेट - क्रिस्टोफर हिचेन्स
चरण 2: धर्म और धार्मिक मान्यताओं की आलोचना
1. द एंड ऑफ फेथ - सैम हैरिस
2. ब्रेकिंग द स्पेल: रिलिजन ऐज़ अ नेचुरल फिनॉमेनन - डैनियल सी. डेनेट
3. द पोर्टेबल एथीइस्ट - क्रिस्टोफर हिचेन्स
4. द एज ऑफ रीजन - थॉमस पेन
5. द मिरेकल ऑफ थीइज़्म: आर्ग्युमेंट्स फॉर एंड अगेंस्ट द एग्ज़िस्टेंस ऑफ गॉड - जे. एल. मैकी
चरण 3: ईश्वर के अस्तित्व पर दार्शनिक बहस
1. डायलॉग्स कन्सर्निंग नेचुरल रिलिजन - डेविड ह्यूम
2. एन इन्क्वायरी कन्सर्निंग ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग - डेविड ह्यूम
3. द प्रॉब्लम ऑफ पेन - सी. एस. लुईस
4. द एक्सपीरियंस ऑफ गॉड: बीइंग, कॉन्शसनेस, ब्लिस - डेविड बेंटली हार्ट
5. गॉड, फ्रीडम, एंड ईविल - एल्विन प्लांटिंगा
6. द एग्ज़िस्टेंस ऑफ गॉड - रिचर्ड स्विनबर्न
चरण 4: आलोचनात्मक चिंतन, तर्क और वैज्ञानिक पद्धति
1. द डेमन-हॉन्टेड वर्ल्ड - कार्ल सेगन
2. द स्केप्टिक्स' गाइड टू द यूनिवर्स - स्टीवन नोवेला एवं अन्य
3. एन इलस्ट्रेटेड बुक ऑफ बैड आर्ग्युमेंट्स - अली अल्मोसावी
4. थिंकिंग, फास्ट एंड स्लो - डैनियल काह्नमैन
5. वाई पीपल बिलीव वीर्ड थिंग्स - माइकल शरमर
6. द आर्ट ऑफ थिंकिंग क्लियरली - रोल्फ डोबेली
चरण 5: विकासवाद, जीवविज्ञान और विज्ञान
1. द सेल्फिश जीन - रिचर्ड डॉकिन्स
2. द ब्लाइंड वॉचमेकर - रिचर्ड डॉकिन्स
3. द ग्रेटेस्ट शो ऑन अर्थ - रिचर्ड डॉकिन्स
4. वाई इवोल्यूशन इज़ ट्रू - जेरी ए. कॉइन
5. ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज़ - चार्ल्स डार्विन
6. द मैजिक ऑफ रियलिटी - रिचर्ड डॉकिन्स
7. द ग्रैंड डिज़ाइन - स्टीफन हॉकिंग और लियोनार्ड म्लोडिनोव
चरण 6: धर्म की उत्पत्ति और मनोविज्ञान
1. रिलिजन एक्सप्लेंड - पास्कल बोयर
2. इन गॉड्स वी ट्रस्ट: द इवोल्यूशनरी लैंडस्केप ऑफ रिलिजन - स्कॉट एट्रन
3. द इवोल्यूशन ऑफ गॉड - रॉबर्ट राइट
4. द बिलीफ इंस्टिंक्ट - जेसी बेरिंग
5. ब्रेकिंग द स्पेल - डैनियल सी. डेनेट
चरण 7: नैतिकता: धर्म के बिना नैतिकता
1. द मॉरल लैंडस्केप - सैम हैरिस
2. प्रैक्टिकल एथिक्स - पीटर सिंगर
3. बीइंग गुड: अ शॉर्ट इंट्रोडक्शन टू एथिक्स - साइमन ब्लैकबर्न
4. द एथिकल ब्रेन - माइकल एस. गज़ानिगा
5. द गुड बुक: अ ह्यूमनिस्ट बाइबल - ए. सी. ग्रेलिंग
6. द निकोमेकियन एथिक्स - अरस्तू
चरण 8: अस्तित्ववाद, जीवन का अर्थ और मानवतावाद
1. एग्ज़िस्टेंशियलिज़्म इज़ अ ह्यूमनिज़्म - ज्याँ-पॉल सार्त्र
2. मैन्स सर्च फॉर मीनिंग - विक्टर ई. फ्रैंकल
3. द मिथ ऑफ सिसिफस - अल्बेर कामू
4. द स्ट्रेंजर - अल्बेर कामू
5. द लिटिल बुक ऑफ एथीइस्ट स्पिरिचुअलिटी - आंद्रे कॉन्त-स्पोंविल
6. ह्यूमनिज़्म: अ बिगिनर्स गाइड - पीटर केव
चरण 9: भारतीय दर्शन और नास्तिक परंपराएँ
1. इंडियन फिलॉसफी: अ वेरी शॉर्ट इंट्रोडक्शन - सू हैमिल्टन
2. एन इंट्रोडक्शन टू इंडियन फिलॉसफी - सतीशचंद्र चटर्जी एवं धीरेंद्रमोहन दत्ता
3. द एसेंस ऑफ बुद्धिज़्म - त्रालेग क्याबगोन
4. द बुद्धा एंड हिज धम्म - डॉ. बी. आर. आंबेडकर
5. फिलॉसफी ऑफ द बुद्धा - डेविड जे. कालूपहाना
6. एनिहिलेशन ऑफ कास्ट - डॉ. बी. आर. आंबेडकर
7. द गॉड मार्केट - मीरा नंदा
चरण 10: उन्नत दर्शन और धर्मनिरपेक्ष चिंतन
1. अ हिस्ट्री ऑफ वेस्टर्न फिलॉसफी - बर्ट्रेंड रसेल
2. द प्रॉब्लम्स ऑफ फिलॉसफी - बर्ट्रेंड रसेल
3. द ओपन सोसाइटी एंड इट्स एनिमीज़ - कार्ल पॉपर
4. ऑन लिबर्टी - जॉन स्टुअर्ट मिल
5. द स्ट्रक्चर ऑफ साइंटिफिक रिवोल्यूशन्स - थॉमस एस. कून
6. द राइटियस माइंड - जोनाथन हाइट
7. द मिरेकल ऑफ थीइज़्म - जे. एल. मैकी
जब झूठ सामान्य हो जाता है, तो समाज खत्म हो जाता है। यह हाना आरेंट ने कहा था। हमारे पास पढ़ने, सवाल पूछने और खोजबीन करने की क्षमता तक नहीं बची। माफ़ कीजिए, हमारी दिलचस्पी ही नहीं है। हमें यह भी नहीं पता कि हमें क्या नहीं पता। और चूँकि हम सब कुछ जानते हैं, इसलिए सुन भी नहीं सकते। लेकिन प्रकृति माफ़ नहीं करती।
तो क्या करें?
ओशो को कौन-सी किताबें पसंद थीं? उनकी पसंदीदा पुस्तकों की सूची जो उन्हें पसंद थी:
1. इ चिंग: बुक ऑफ चेंजेज: रिचर्ड विल्हेम
2. दि मिथ ऑफ सिसिफस: अल्बेयर कामू
3. दि बॉलड्ज गार्डन ऑफ ट्रूथ: हकीम सनाई
4. हजरत इनायत खान: हजरत इनायत खान
5. तंत्र-आर्ट: अजित मुखर्जी
6. सिद्धार्थ: हरमन हेस
7. मीटिंग्ज विद रिमार्केबल मैन: गुरजिएफ
8. थियोलॉजिया मिस्टीका: स्यूडो-डियोनोसियस
9. दि मैडमैन: खलील जिब्रान
10. दि लाइट ऑफ एशिया: एडविन अर्नोल्ड
11. ब्रह्मसूत्र: बादरायण
12. विमल कीर्ति निर्देश-सूत्र: विमलकीर्ति
13. दि प्रोफेट: खलील जिब्रान
14. ताओ तेह किंग: लाओत्से
15. दि तवासिन: मंसूर अल-हल्लाज
16. दि सांग ऑफ सांग्स: सोलोमन से संबद्ध
17. दि सांग्स ऑफ मारपा: मारपा
18. टर्शियम ऑर्गेनम: पी. डी. ऑस्पेन्सकी
19. श्री भाष्य: रामानुजाचार्य
20. मैन एंड सुपरमैन: जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
21. दि फीनिक्स: डी. एच. लॉरेंस
22. दि डेस्टिनी ऑफ दि माइंड
23. मदर: मैक्सिम गोर्की
24. साइकोएनालिसिस एंड दि अनकॉन्शस: लॉरेंस
25. लल्लावाख: लल्लेश्वरी
26. सरमद: यहूदी संत सरमद
27. दीवान-ए-गालिब: मिर्जा गालिब
28. साइकोसिंथेसिस: रॉबर्टो असाजिओली
29. दि हिस्ट्री ऑफ वेस्टर्न फिलॉसॉफी: बर्ट्रेंड रसेल
30. दि विल टू पावर: फ्रेडरिक नीत्शे
31. ब्रदर्स कारामाजोव: फ्योदोर दोस्तोयेव्स्की
32. रिसरेक्शन: लियो टॉल्स्टॉय
33. एक आदमी पर्वत जैसा: हु आंग पो
34. दि गॉस्पल: थॉमस
35. दि बुक: एलन वॉट्स
36. दि फर्स्ट एंड लास्ट फ्रीडम: जे. कृष्णमूर्ति
37. कमेंटरीज ऑन लिविंग: जे. कृष्णमूर्ति
38. एट दि फीट ऑफ दि मास्टर: जे. कृष्णमूर्ति
39. ए न्यू मॉडल ऑफ दि यूनिवर्स: पी. डी. ऑस्पेन्सकी
40. दि आउटसाइडर: कॉलिन विल्सन
41. माय एक्सपेरिमेंट्स विद दि ट्रुथ: महात्मा गांधी
42. मैन्स पॉसिबल इवोल्यूशन: पी. डी. ऑस्पेन्सकी
43. दि वे ऑफ झेन: एलन वॉट्स
44. बालशेम तोव: बाल शेम तोव
45. दि सूफीज: इदरीस शाह
46. लिसन, लिटल मैन!: विल्हेम राइख
47. उमर खय्याम की रुबाइयाँ: उमर खय्याम
48. बीइंग एंड टाइम: मार्टिन हाइडेगर
49. प्रिंसिपिया एथिका: जी. ई. मूर
50. लस्ट फॉर लाइफ: इरविंग स्टोन
51. ट्रैक्टेटस लॉजिको-फिलॉसॉफिकस: लुडविग विट्गेन्स्टाइन
52. मुल्ला नसरुद्दीन कौन था
53. दि बुक ऑफ ली त्जु: ली त्जु
54. एनेलेक्ट्स ऑफ कन्फ्यूशियस: कन्फ्यूशियस
55. एरिस्टोटल्स थियरी ऑफ पोएट्री एंड फाइन आर्ट: एस. एच. बुचर
56. अन्ना कैरेनिना: लियो टॉल्स्टॉय
57. मिस्टर एकहार्ट-रहस्य सूत्र: मीस्टर एकहार्ट
58. लीव्स ऑफ ग्रास: वॉल्ट व्हिटमैन
59. सेवन पोर्टल्स ऑफ समाधि: मेबल कॉलिन्स
60. दि स्पिरिचुअल टीचिंग्स ऑफ रमण महर्षि: रमण महर्षि
61. राबिया बसरी के गीत: राबिया अल-बसरी
62. लाइट ऑन दि पाथ: मेबल कॉलिन्स
63. दि कन्फेशन्स ऑफ सेंट ऑगस्टीन: संत ऑगस्टीन
64. गॉड स्पीक्स: मेहर बाबा
65. समयसार: आचार्य कुन्दकुन्द
66. लॉन्ग पिलग्रिमेज: शिवपुरी बाबा
67. दि सर्मन ऑन दि माउंट: ईसा मसीह









