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Advocate in Session Court Varanasi, Exec. MBA and LL.B. | Hindu & Patel by Heritage, Indian by Heart | Let's Talk Justice & culture🍁

Varanasi, India
Joined August 2009
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जिस बर्बरता के साथ समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष चंदौली श्रीमती गार्गी पटेल पर हमला किया गया वह बहुत ही अक्षम्य अपराध है। जिस जाहिल और जंगली तरीके से किसी निरीह महिला को कई लोग बुरी तरह से मार रहे हैं वह हमारे देश की कानून व्यवस्था और पुलिस के इकबाल पर सवालिया निशान पैदा करता है। @myogiadityanath @yadavakhilesh @dgpup @chandaulipolice @samajwadiparty @juhi
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सारे प्रदेशों की भाजपा सरकारें “इन्वेस्टर समिट” के नाम पर सिर्फ़ अपने लूट का दायरा बढ़ा रही हैं। पहले यूपी अब एमपी, कोई नयापन नहीं सिर्फ़ चमक दमक दिखाकर जनता को मूर्ख बनाना और अपना उल्लू सीधा करना।
CM मोहन यादव की सरकार ने भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30,77,00,00,00,000 यानी 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश का दावा किया था. गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से इस आंकड़े की घोषणा की. लेकिन जब इस दावे की पड़ताल हुई तो निवेश प्रस्तावों की सूची में बंद हो चुकी मोमोज की दुकान से लेकर चिकनी आत्मा तक के नाम मिले. सबसे पहले खर्च का हिसाब समझिए- मार्च 2024 से नवंबर 2025 के बीच सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने और इसके प्रचार-प्रसार व आयोजनों पर करीब 230 करोड़ रुपए खर्च किए. इसमें निवेश सम्मेलनों और बैठकों पर 186.64 करोड़ रुपए, CM की तीन विदेश यात्राओं पर करीब 34 करोड़ रुपए और देश के नौ शहरों में निवेश बैठकों पर 9.05 करोड़ रुपए खर्च हुए. रुपए किस कदर बहाए गए इसका अंदाजा लगाइए कि अकेले भोपाल के दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर करीब 82 करोड़ रुपए खर्च किए गए. अब जरा 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश के दावे की हकीकत भी देखिए- एक बंद हो चुकी मोमोज की दुकान Mishti Momos के नाम पर 50 करोड़ रुपए, एक हेयर सैलून के नाम पर 3,000 करोड़ रुपए, चिकनी आत्मा के नाम पर 5 करोड़, दरवाजे पर वसीयत के नाम पर 1 करोड़, व्यवसायी के नाम पर 15 करोड़, शोरूम के नाम पर 5 करोड़ और कंप्यूटर के नाम पर 100 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दर्ज मिले. इसके अलावा, किसान, नॉट एप्लीकेबल, बहनों का संग्रह, अक्टूबर और किसान मोर्चा जैसे नामों में से प्रत्येक के नाम पर 200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दर्ज थे. वैसे, मैं भी यही सोच रहा हूं कि ये कैसे अंड-बंड, संड टाइप नाम हैं, जो करोड़ों-अरबों के निवेश प्रस्तावों की सूची में शामिल हैं. हैरानी की बात है कि Kaymli Ventures नाम की एक कंपनी के नाम पर 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दर्ज था. जबकि कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड के मुताबिक 2024-25 में उसका कोई राजस्व नहीं था और साल के अंत में उसके पास नकद व बैंक बैलेंस मिलाकर सिर्फ 10,556 रुपए थे. है न कमाल सरकार ने 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश का जो दावा किया है, अब जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि हकीकत में कितना निवेश आया, कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरीं और इस पूरे प्रचार का ठोस आर्थिक परिणाम क्या रहा. सरकार सिर्फ आंकड़े घोषित करके तो सवालों से मुक्त नहीं हो सकती. अगर आप इस अनोखी MoU समिट के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं और समझना चाहते हैं कि सरकार आपके टैक्स के रुपयों से इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर क्या कर रही है, तो साथी @tweets_prateekg की यह पूरी इन्वेस्टिगेशन पढ़िए- newslaundry.com/2026/10/29/a…
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बहुत बड़ी खबर, लेकिन भाजपा के लिए बहुत ही बुरी खबर। मीडिया आपको यह खबर हेडलाइन में नहीं दिखाएगी।
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नव निर्वाचित #MLC श्रीमती कान्ति सिंह पटेल जी ने पुनः लखनऊ की स्नातक MLC सीट जिस बड़े मार्जिन से पुनः अर्जित की वह #PDA की बढ़ती ताक़त का इंटरवल है। 2024 में फ़िल्म शुरू हुई, अभी ये इंटरवल है आगे क्लाइमेक्स 2027 में लिखा जाएगा। सपा ने जितनी भी MLC सीटें इसबार जीती है वो सभी ज़िलों में भाजपा एक मजबूत जनाधार में मानी जाती है। फिर से एक बार बधाई 💐💐 @KantiSingh9 @samajwadiparty #MLCElection2026 #Lucknow
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लिखी तो करारी बात है गुरु
इस MLC चुनावों की दो सबसे खास बातें बताता हूं। • बीजेपी ने किसी भी महिला को टिकट नहीं दिया, जबकि समाजवादी पार्टी ने ना सिर्फ टिकट दिया, बल्कि कांति सिंह पटेल की बड़ी जीत भी सुनिश्चित की। • बीजेपी से एक भी OBC या दलित नहीं जीते हैं, जबकि समाजवादी पार्टी से 3 OBC समाज के व्यक्ति जीते हैं।
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी के 5 जांबाज MLC उम्मीदवारों की इस ऐतिहासिक जीत ने परिवर्तन की नीव रख दी है। PDA की इस एकजुट ताकत ने आज उत्तर प्रदेश में तानाशाही और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बदलाव की वह मजबूत नींव रख दी है, जिसे हिलाना अब नामुमकिन है।
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Ramlila Maidan Sunday November 1, at 12:30 pm. Please join us
On Sunday, 1 November, I.N.D.I.A will stand united at Ramlila Maidan. The fight against Vote Chori is a fight to protect every Indian’s right to choose. The Vote Loot in Bengal and across other states demand answers, not silence! -EVMs under scrutiny -Voter data under question -Electoral rolls under suspicion -Counting under challenge I appeal to students, youth, women, workers and civil society to join us in this fight. When the vote is under threat, silence is not an option. Let us stand together to DEFEND our DEMOCRACY and SAVE our CONSTITUTION. 📍 Ramlila Maidan, Delhi | Sunday, 1 November 12.30
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डबल इंजन का डबल ज़ीरो! #वाराणसी
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चलो मैडम….सपा के इसी थोड़े में तुम भी थीं कभी आज सत्ता का लड्डू लूट रही हो। एहसान फ़रामोश!
लखनऊ: MLC चुनाव के परिणाम पर बोलीं पूजा पाल "2027 में बीजेपी की सरकार बनेगी, सपा वाले बहुत थोड़े में खुश हो जाते हैं। ‘जिसको जो सही लगा उसने वहां वोट किया’ , ‘आज भी लोग सीएम योगी पर भरोसा करते हैं।’" #Lucknow #PoojaPal #UPPolitics @poojaplofficial
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इसीलिए समाजवादियों को संघर्षशील और जुझारू कहा जाता है
कल 28 हज़ार वोटों से चुनाव जीते और आज पहुँच गए धरना प्रदर्शन में …. इलाहाबाद - झाँसी खंड से स्नातक MLC का चुनाव जीतने के बाद सपा MLC डा मान सिंह यादव सीधे शिक्षा निदेशालय पर पहुँच गए , जहाँ TGT-PGT की पुरानी नियमावली की माँग कर रहे युवा धरना प्रदर्शन कर रहे हैं ।
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आपको भी बधाई भईया
समाजवादी विचारधारा के सशक्त स्तंभ एवं शिक्षकों की आवाज़, आदरणीय श्री लाल बिहारी यादव जी @Lalbihari_vitt को उनके आवास पर पहुँचकर शिक्षक एमएलसी चुनाव में ऐतिहासिक जीत की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। डॉ अवधनाथ पाल पूर्व जिलाध्यक्ष जौनपुर शिक्षक MLC चुनाव प्रभारी वाराणसी
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योगी आदित्यनाथ की ‘कथित’ लोकप्रियता की हालत देखिए। 2020 और 2026 में समाजवादी पार्टी के जीते हुए प्रत्याशियों को मिले वोट इसकी बानगी हैं। 2020 में इलाहाबाद झांसी स्नातक से मान सिंह यादव करीब 4300 से जीते थे, इस बार करीब 28 हजार से जीते हैं । 2020 में लखनऊ से कांति सिंह लगभग 6400 से हारी थीं, इस बार 17 हजार से ऊपर वोटों जीती हैं। 2020 में बनारस से आशुतोष सिन्हा करीब 4000 से जीते थे, इस बार करीब 18000 से ऊपर। 2020 में आकाश अग्रवाल आगरा से करीब 2300 से जीते थे, इस बार करीब 4600 से। 2020 में लाल बिहारी यादव वाराणसी से 1000 वोटों से कम से जीते थे, इस बार करीब 5000 वोटों से। 2020 में गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को करीब 2600 वोट मिले थे, इस बार करीब 9000। ये आंधी तब है जब योगी आदित्यनाथ पर शासन सत्ता की हर चूलें हिलाकर, स्टेट मशीनरी का हर दुरूपयोग करके चुनावी लड़ाई लड़ने का संगीन आरोप है। इसी से समझ लीजिए कि 7000 करोड़ के हवा-हवाई विज्ञापन की असलियत हकीकत में तिब्बत के दर्रे की निचाई को भी मात दे रही है!!
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प्रिय मतदाताओं, भाजपा एक 'फ़्लॉप शो' बन गई है। भाजपा वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे, मतलब दो बार मतगणना हुई और दोनों बार भाजपा और उनके संगी-साथी हारे। ये डबल इंजन की डबल हार है। विधान परिषद के चुनावों में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले उ.प्र. विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है। ये एक तरफ़ भाजपा की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ़ पढ़े-लिखे ‘बेरोज़गार स्नातकों’ ने भी अपना फ़ैसला सुना दिया है। भाजपा ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं। पीडीए का जनाधार अब 95% हो गया है, क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’! इससे भाजपा में अस्तित्व का संकट शुरू हो गया है, क्योंकि भाजपा के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें भाजपा जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं। भाजपा की अंदरूनी फूट से डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई है। इसीलिए भाजपाई प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत पूरी तरह हार गए हैं। जो भाजपा अब तक प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, वो अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूँढ़ रही है, पर कहीं कोई नज़र नहीं आ रहा है। भाजपा की टिकट की खिड़की खाली है। इस उत्साहवर्धक जीत के लिए उ.प्र. के परम आदरणीय शिक्षकगण व अपने भविष्य के लिए चिंतित युवाओं का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे ‘पीडीए प्रहरियों’ के साथ यथासंभव निगरानी भी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे। हम अपने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हैं और उनको भी, जिनको चालबाज़ी-जालसाज़ी से हराया गया। दरअसल हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो भाजपाई हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया। हम उनका भी बराबर अभिनंदन करते हैं। हमारे लिए वे सब भी बिना सर्टिफ़िकेट के विजेता हैं। यही सजगता और एकजुटता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए ‘निर्णायक नींव’ बनेगी। पुनः सभी मतदाताओं को कोटि-कोटि हार्दिक धन्यवाद! आपका अखिलेश
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सभी जीते हुए माननीयों को बधाई और शुभकामनाएँ💐 आपका संघर्ष और समाजवादी कार्यकर्ताओं का अथक प्रयास, वफादारी , लोकतंत्र और पार्टी के प्रति समर्पण हम सबके नेता माननीय श्री @yadavakhilesh जी का कुशल नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस जीत के रूप में ना केवल हौसला बढ़ाने वाला है बल्कि 27 के चुनाव में भाजपा को हराने की बड़ी ज़िम्मेदारी भी है । हम सब मिलकर जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे ये प्रण भी ले 🙏
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उनका Ego हमारे लिए अच्छा है
बीजेपी में शीर्ष स्तर पर सुगबुगाहट- गोरखपुर-फैजाबाद में जो हुआ उसकी सुगबुगाहट शीर्ष स्तर तक है। तीन बातों की सबसे अधिक चर्चा है। 1- अगर बीजेपी ने संजयन त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया तो उन्हें बागी होने से मनाने की जिम्मेदारी किसकी थी? आखिर ये कैसे मुख्यमंत्री हैं जो एक पार्षद से लेकर विधायक, सांसद और राष्ट्रीय महासचिव तक से अपना ईगो फंसाकर रखते हैं? 2- पार्टी के अपने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के अपनी ही बुलाई सभा में हुए अपमान पर खामोश रहना, वो भी ऐन चुनाव के मौके पर। इतना भारी भरकम ईगो कौन पालता है? और आखिरी बात ये कि- 3- ईगो उसका सहा जाता है जिसकी छवि ईमानदार हो, जो जातिवाद से परे हो। जब आपके अपने महकमों मे बेईमानी और भ्रष्टाचार के माउंट एवरेस्ट से ऊंचे दाग हों, और आरोपों के मुताबिक आप सुबह शाम सत्ता के सजातीय जातिवाद का परचम लहराने के लिए आजाद हों, तो फिर आपका ईगो कौन सहे? और क्यूं कर सहे?
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प्रयागराज के नवाबगंज के बरईपुर रामनगर गांव में एक घर के अंदर जमीन में गाड़कर रखे 3 ड्रमों में 500-500 की नोटों की गड्डियां मिलीं। शुरूआती गिनती में 5 करोड़ से ज्यादा कैश बताया जा रहा है, गांव में चर्चा 60 करोड़ तक की है। मुखबिर की सूचना पर DCP गंगानगर सोनम कुमार और ADCP समेत टीम ने बुधवार शाम छापा मारा। पहले गांव की लाइट कटवाई, फिर 40 से ज्यादा पुलिसवालों ने पूरे घर को घेरा और खुदाई कराई। मकान राकेश यादव उर्फ महाकाल का है। पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है। घर सील कर दिया गया है और इनकम टैक्स विभाग नोट गिनने की मशीनों से गिनती कर रहा है। बताया जा रहा है आरोपी पुणे में काम करता था, 2020 लॉकडाउन में गांव आया, फिर अचानक जमीनें और ट्रैक्टर खरीदने लगा था। पड़ोसी से झगड़े के बाद पोल खुल गई।
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वाराणसी की दोनों सीटों पर जीत का श्रेय हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश यादव जी को जाता है। उनके दिशा-निर्देशों का सभी ने अक्षरशः पालन किया। मतगणना स्थल पर मौजूद रहे आठों जिलों के कार्यकर्ताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, सांसदों, पूर्व सांसदों एवं सभी पार्टी पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं आभार। @yadavakhilesh @samajwadiparty #sansadchandauli #loksabhachandauli #Chandauli #chandauliloksabha
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कवि कह रहा है कि भारत में हमने बेरोजगारी का यह हाल कर दिया है कि लोग दस-बारह घंटे बिना छुट्टियों के काम करने पर मज़बूर हो गए हैं। गोरों तुम भी फ़ायदा उठाओ उन्हें ले जाओ और जानवरों की तरह काम कराओ।
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