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मोदी जी आपके सांसद ने सदन में कहा “चीन ने भारत की सीमा में 60 किलोमीटर घुसपैठ की है, ITBP के प्रमुख भी सीमा सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं”
कहाँ हैं आपकी “लाल, नीली, पीली, ग़ुलाबी” आँखें राष्ट्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ मत कीजिए मोदी जी।
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ऐसा कौन सा “काला जादू” है की EVM से मोदी जी लोकप्रिय हो जाते हैं?
बैलट पेपर से मोदी जी “अलोकप्रिय” हो जाते हैं।
वाराणसी में MLC का चुनाव बैलट से हुआ मोदी जी अलोकप्रिय हो गये।
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कितना डर-डर के जियेंगे हम?
सारे चोर इकठ्ठा हो जाते हैं और सच दिखाने वाले को धमकाते हैं।
मोदी-अडानी की जोड़ी ने पूरा देश लूट लिया।
इस मामले में @sabeer ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जिसमें दिखाया गया की कैसे इस जोड़ी ने देश की संपत्तियों को लूटा?
@sabeer पर अडानी ने कोलकोता में मानहानि का केस कर दिया।
हँसी आती है लुटेरों की भी मानहानि हो रही है।
फ़िलहाल मैंने तय किया है, मैं उस डॉक्यूमेंट्री को दुबारा डालूँगा।
आप भी देखिए और इस लूट के खेल की सच्चाई लोगों तक पहुँचाइए।
देखते हैं कितना मानहानि का केस होता है?
youtu.be/de_aQwDf_mw?si=ImJ7…
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धनघटा, संतकबीरनगर 📍
चुनाव के वक्त बच्चों की शिक्षा, स्कूल, फीस और भविष्य पर बात होनी चाहिए, न कि सिर्फ जाति और धर्म की।
उत्तर प्रदेश में लोग बच्चों की फीस भरने के लिए अपना खून बेचने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार का ध्यान इस पर नहीं है।
यूपी में 27,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि दूसरी ओर शराब के ठेके खोले जा रहे हैं।
आम आदमी पार्टी का नारा 'शिक्षित राष्ट्र, विकसित राष्ट्र' है। बच्चों की फीस और शिक्षा के मुद्दों पर ही चुनाव होना चाहिए।
: @SanjayAzadaSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
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धन्यवाद CEO महोदय आपने गलती मानी, लेकिन वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी का मामला अभी भी लंबित है वोटर लिस्ट तो ठीक करनी होगी वरना चुनाव का क्या मतलब?
@ry_advaz जी!
इस हैंडल के उद्धृत पोस्ट में टिप्पणियों की भाषा के स्तर और भाव और इनकी तीखी प्रकृति इस आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। पोस्ट में टिप्पणियों से उत्पन्न वास्तविक आक्रोश को अच्छी तरह से नोट किया गया है। हम इससे अचंभित और नाराज़ लोगों से ईमानदारी से माफी मांगते हैं। अब से हमारा संचार शालीन और औपचारिक होगा।
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यूपी में आज बच्चों की पढ़ाई और फीस जमा करने के लिए लोगों को अपने शरीर का खून तक बेचना पड़ रहा है!
योगी आदित्यनाथ जी, उत्तर प्रदेश में 80-20 पर नहीं, बच्चों की फीस पर चुनाव कब होगा?
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
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संतकबीर नगर: AAP के वरिष्ठ नेता तिरंगा शाखा प्रमुख ई. जनक प्रसाद द्वारा आयोजित जन सभा में शामिल हुआ।
गड़े मुर्दों की नही मुद्दों की बात करो।
स्कूल अस्पताल बिजली पानी किसानी रोज़गार जैसे मुद्दों पर बात कब होगी?
चुनावी घड़ियालों से सावधान।
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न हिंदू ख़तरे में है न मुसलमान ख़तरे में है।
सत्ता पर काबिज़ बेईमान ख़तरे में है।
नक्कालों से सावधान।
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"राम ने यादव को मारा" वाले फर्जीवाड़े पर AAP यूपी पूर्वांचल अध्यक्ष राजेश यादव जी ने चुनाव आयोग और UP CEO रिणवा जी को आईने में उनका असली चेहरा दिखा दिया..
सॉफ्टवेयर की आड़ में जातिवादी खेल खेलने वालों से जब तीखे सवाल पूछे, तो आयोग के पास बगले झांकने के सिवा कोई जवाब नहीं बचा...
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AAP के जाबाज़ योद्धा राजेश यादव जी के तर्कों के सामने CEO उत्तरप्रदेश को "ईमानदारी से माफ़ी" मांगनी ही पड़ी...
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कोई कह रहा है “हिंदू ख़तरे में है”
कोई कह रहा है “अब्दुल ख़तरे में है”
अगर 12 साल देश में और 10 साल प्रदेश में राज करने के बाद भी हिंदू ख़तरे में है तो चुल्लू भर पानी में नाक रगड़ लो भाजपाइयों तुम्हारी सत्ता ख़तरे में है।
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अयोध्या: गोसाई गंज विधान सभा में कार्यकर्ता सम्मेलन।
भाजपा भगाओ यू पी बचाओ।
चंदा चोरों से मुक्ति पाओ।
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योगी जी लोग बच्चों की फ़ीस भरने के लिए अपना ख़ून बेच रहे हैं और आप अस्सी बीस कर रहे हैं।
यू पी का चुनाव अस्सी बीस पर नही बच्चों की फीस पर होगा।
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सांसद @SanjayAzadSln जी से आज तक कोई नहीं बच पाया था, तो नवदीप रिनवा जी आपको क्या लगा था कि आप बच जाएंगे!
करवा ली न बेइज़्ज़ती!
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धन्यवाद CEO महोदय आपने गलती मानी, लेकिन वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी का मामला अभी भी लंबित है वोटर लिस्ट तो ठीक करनी होगी वरना चुनाव का क्या मतलब?
इस हैंडल के उद्धृत पोस्ट में टिप्पणियों की भाषा के स्तर और भाव और इनकी तीखी प्रकृति इस आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। पोस्ट में टिप्पणियों से उत्पन्न वास्तविक आक्रोश को अच्छी तरह से नोट किया गया है। हम इससे अचंभित और नाराज़ लोगों से ईमानदारी से माफी मांगते हैं। अब से हमारा संचार शालीन और औपचारिक होगा।
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यूपी के चुनाव आयोग में भाजपा का एजेंट बैठा है, सांप्रदायिक मानसिकता के व्यक्ति के रहते निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं!
➤ यूपी में 13 लाख भाजपाइयों के नाम जोड़ दिए गए और 85 हजार आम नागरिकों के नाम काट दिए गए।
➤ पीलीभीत, बिसवां, तरबगंज और जहानाबाद में एक-एक बूथ पर 90-95% तक मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटे गए।
➤ पीलीभीत में 13 हजार नामों के EPIC नंबर एक जैसे पाए गए और नाम बदल दिए गए।
➤ सवाल पूछने पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सांप्रदायिकता से भरा आपत्तिजनक जवाब दिया।
➤ ऐसे अधिकारी के रहते निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
-@SanjayAzadSln, राज्यसभा सांसद, AAP
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'यूपी की वोटर लिस्ट मजाक बन गई है',
“राम ने यादव को मारा” पर कुतर्क देने वाले नवदीप रिनवा जी का नाम english में “New Deep Rinwa” हो गया हिंदी में ये नाम हो गया “नई गहराई रंडुवा” अब CEO ऑफिस में इसी नाम से बुलाया जाय... youtu.be/8WFJmA_OxCo?si=PYJt… via @YouTube
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यू पी CEO पर फिर से राजेश यादव का हमला।
रेडुवा जी हमारे पूर्वांचल में बढ़ई भी शर्मा लिखते हैं।
आपने इलाहाबाद झाँसी खण्ड के शर्मा जी का नाम डाला है।
ये शर्मा जी सवर्ण हैं या पिछड़े वर्ग से।
मेरा फिर सवाल है, राम ने “यादव” को ही क्यों मारा?
राम ने किसी सिंह पाठक अस्थाना राय अग्रवाल को क्यों नही मारा?
हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम “राम ने शर्मा को मारा” भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है की राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्ज़ाम भी लगता।
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ज्ञानेश कुमार जी आख़िर राम ने “यादव” को ही क्यों मारा?
राम ने किसी सिंह,पाठक,अस्थाना,शर्मा,राय,बिष्ट को क्यों नही मारा?
आपका कंप्यूटर घोर जातिवादी है क्या?
क्या आप किसी पार्टी का एजेंडा चला रहे हैं? @rajeshyadavaap का जायज़ सवाल।


















