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MPPEB भर्ती घोटाले का काला सच: 17 नामों की मेरिट लिस्ट में 16 अपात्र, RTI से निकला भ्रष्टाचार का जिन्न!#भर्ती_घोटाला
@HIRA_ALAWA @awesh29 @SGirraj_ @CSP_02 @atulyaacdemy05 @Abhinav_Pan @MPTakOfficial @sanjaygupta1304 @dheeruji7 @Anurag_Dwary @JanAwaaz3 @adsandeepsingh
RTI में जानकारी मांगो तो सूचना नहीं मिलती, प्रथम अपील करो तो सुनवाई के नाम पर बुलाकर खाली हॉल मिल जाता है!
चिंता सुनवाई न होने की नहीं, चिंता इस बात की है कि कहीं फाइल में “सुनवाई संपन्न” न लिख दी जाए।
@dmgwalior महोदय, कृपया संज्ञान लें।
@HIRA_ALAWA @Anurag_Dwary @awesh29
@rtiindia अब अगला कदम क्या है?
द्वितीय अपील या “लापता अधिकारी” की तलाश?
@VijaySingh_law @VikrantBhuria @PMOIndia @GwaliorComm @Lap_surgeon @jdjsgwalior @JansamparkMP
अब तक @schooledump मंत्री @Indersinghsjp होते तो निश्चित ही अतिथियों पर निर्भरता खत्म कर देते इन रिक्त पदों पर बड़ी संख्या में नियमित शिक्षक भर्ती कराते!
आपने 10साल का शिक्षक भर्ती वनवास खत्म करके 2018-2020 मे बड़ी संख्या में भर्ती कराई थी
@DrMohanYadav51 @udaypratapmp
Ar. Bhagvan Singh Mukhraiya retweeted
मध्यप्रदेश में शिक्षा सुधार के नाम पर जो तस्वीर पेश की जा रही है, जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल उलट है। पिछले 15 वर्षों में 49 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों पर ताले लग चुके हैं, और अब सर्वसुविधायुक्त विद्यालय के नाम पर छोटे स्कूलों को विलय कर बंद करने की नई तैयारी चल रही है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और विभागीय आंकड़े साफ बताते हैं कि समस्या भवन की नहीं, बल्कि नीयत और नीति की है। प्रदेश में 1,15,678 शिक्षक पद खाली हैं, 1,968 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और 46,417 स्कूलों में सिर्फ दो शिक्षक हैं। ऊपर से 15 हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां 20 से भी कम विद्यार्थी हैं—क्योंकि शिक्षा व्यवस्था पहले ही कमजोर कर दी गई।
पहले स्कूलों को संसाधनों से वंचित करो, फिर कम छात्र का बहाना बनाकर बंद कर दो, और उसे सुधार का नाम दे दो!
स्कूल चलें हम का नारा देने वाली सरकार अब स्कूल बंद करें हम की नीति पर चल रही है।
मैं मध्यप्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि स्कूलों के विलय के नाम पर बंदी रोकी जाए, सभी रिक्त शिक्षक पदों पर तत्काल भर्ती की जाए और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस नीति लागू की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
@JansamparkMP
Ar. Bhagvan Singh Mukhraiya retweeted
मध्यप्रदेश में समान कार्य–समान वेतन का मुद्दा अब न्यायालय से ज्यादा सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा कर रहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को साफ कहा—नए कर्मचारियों को पहले दिन से 100% वेतन मिलना चाहिए। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देकर अपने ही वादे से पीछे हटने का संकेत दे दिया।
विधानसभा चुनाव में 100% वेतन देने का वादा किया गया था, पर आज भी 70-80-90% वेतन का पुराना नियम लागू है। करीब 40 हजार कर्मचारियों का एरियर अटका है और सरकार 400 करोड़ के बोझ का बहाना बना रही है। सवाल यह है कि जब वोट लेने थे तब खजाना खाली नहीं था, अब कर्मचारियों के हक की बारी आई तो वित्तीय संकट याद आ गया?
मैं मप्र सरकार से मांग करता हूं कि कानूनी पेचीदगियों के पीछे छिपने के बजाय तुरंत हाई कोर्ट के आदेश को लागू करे, कर्मचारियों को उनका पूरा वेतन और एरियर दे। वरना यह साफ माना जाएगा कि 100% वेतन का वादा सिर्फ चुनावी जुमला था, हकीकत नहीं। @JansamparkMP
Ar. Bhagvan Singh Mukhraiya retweeted
ESB में फर्जी डिग्री वाले हो रहे चयनित, नगर निगमों में फर्जी नियुक्ति thesootr.com/state/madhya-pr…
फर्जी डिग्री से नौकरी, और वो भी सरकारी विभाग में—RTI ने सब खोल दिया है।
@CMMadhyaPradesh अब भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो ये सीधा संरक्षण माना जाएगा।
@GwaliorComm @mpurbandeptt @UmangSinghar @gwaliorhulchal1 @DrMohanYadav51
मध्यप्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की परीक्षाओं के माध्यम से ऐसे अभ्यर्थियों के चयन के आरोप सामने आए हैं, जिन्होंने यूजीसी से अमान्य और ब्लैकलिस्टेड विश्वविद्यालयों की डिग्रियों के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल कर लीं। ग्वालियर नगर निगम में नियुक्त कर्मचारियों के खिलाफ हुई शिकायत ने पूरे प्रदेश की भर्ती व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल है। जब फर्जी डिग्री के आधार पर चयन संभव हो जाए, तो मेहनत और योग्यता के आधार पर तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के साथ यह सीधा अन्याय है। इससे न केवल योग्य उम्मीदवारों का हक छीना जा रहा है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र में भी अयोग्यता और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
मैं मध्यप्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी नगर निगमों एवं विभागों में चयनित अभ्यर्थियों की डिग्रियों का सत्यापन कराया जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।
@JansamparkMP
मध्यप्रदेश में डिग्री वैलिड हो या ना हो, फर्क नहीं पड़ता—बस ‘जुगाड़’ वैलिड होना चाहिए…
क्योंकि यहाँ ब्लैकलिस्टेड डिग्री वालों का भी नगर निगम में खुलेआम स्वागत है!
@HIRA_ALAWA @NEYU4MP @Radhejat1983 @nsui @Anurag_Dwary @MPyuva06 @jitupatwari @AmitabhaGupta13
#भर्ती_घोटाला
मेहनत करने वाले form भरते रह गए…
‘जुगाड़’ वाले joining ले गए..!!
@atulyaacdemy05 @KunalChoudhary_ @UmangSinghar @NDTVMPCG @sanjaygupta1304 @TheSootr @MPTakOfficial @wankhede70k @KailashOnline @PMOIndia @rautsanjay61
Hardwork no longer required.
Just pray for an easy shift.
— Powered by @PEB_Bhopal
79 आए थे, 71 बना दिए गए, इतना normalization तो history भी नहीं करती।
व्यापमं, you never disappoint..!!
@Anurag_Dwary @kkjourno @awesh29 @CMMadhyaPradesh @atulyaacdemy05 @HIRA_ALAWA @MPyuva06
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MPPSC की “समय पर परीक्षा” अब बन गई है वादों की फाइल 📄
2025 की मेंस अटकी, 2026 भी खतरे में… योजना कम, इंतज़ार ज़्यादा!
ये बीरबल की खिचड़ी है साहब - कब बनेगी, किसी को नहीं पता 🤷♂️
बस परेशान होंगे बच्चे और उनके अभिभावक… #MPPSC
Ar. Bhagvan Singh Mukhraiya retweeted
हर साल लाखों पद भरने का बंशीलाल जी स्वागत करते रहेंगे ...
@DrMohanYadav51 जी, ऐसे ही परीक्षाओं को आगे बढ़ाते रहिए, युवाओं का क्या है ! उनकी कौन सी उम्र निकल रही है ! चुनाव के समय भी तो भर्ती का फॉर्म भरा जा सकता है।
#mpconstable
#jailprahari
@NEYU4INDIA
Ar. Bhagvan Singh Mukhraiya retweeted
मध्यप्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की धीमी रफ्तार एक गंभीर प्रशासनिक विफलता बनती जा रही है। डेंटल सर्जन के 385 पदों के लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 12 अक्टूबर 2025 को परीक्षा आयोजित की, 1 दिसंबर को परिणाम भी घोषित कर दिया गया, लेकिन 5 महीने बाद भी इंटरव्यू की तारीख तक घोषित नहीं हो पाई—यह सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
हैरानी की बात यह है कि इंटरव्यू के लिए केवल 427 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जिन्हें 7–10 दिन में आसानी से इंटरव्यू कर नियुक्ति दी जा सकती है। इसके बावजूद देरी यह दर्शाती है कि समस्या संसाधनों की नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति की है। दूसरी ओर फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती में तेजी दिखाकर यह साबित भी हो चुका है कि यदि सरकार चाहे तो प्रक्रिया समयबद्ध हो सकती है।
लगातार देरी से अभ्यर्थियों का सत्र प्रभावित हो रहा है, आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। सरकार को चाहिए कि तुरंत इंटरव्यू की तिथि घोषित कर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करे और भविष्य में सभी भर्तियों के लिए तय समयसीमा सुनिश्चित करे, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।
@JansamparkMP
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क्या गजब नौटंकी चल रही है मध्य प्रदेश के बिजली विभाग में। चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्ति देने के लिए इनके पास पद नहीं हैं। और रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को दोबारा सेवा के लिए बुलाया जा रहा।
माननीय मुख्यमंत्री जी कृपया ध्यान दें। क्या कर रही है आपकी सरकार.? @DrMohanYadav51
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मध्यप्रदेश के 7000 से अधिक सरकारी स्कूल जो 1 शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, सोचने वाली बात यह है कि एक शिक्षक स्कूल में पढ़ाएगा या स्कूल की लिखा पढ़ी का काम करेगा?
59% स्कूलों में कंप्यूटर लेकिन इनमें भी 50% स्कूलों के सिस्टम बंद होंगे!
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मध्यप्रदेश पटवारी भर्ती परीक्षा घोटाले पर @TheSootr का सबसे बड़ा खुलासा!
जांच रिपोर्ट सामने आई: आबकारी आरक्षक और पुलिस सिपाही भर्ती के नकल घोटालों (रतलाम में 12 अभ्यर्थी सिर्फ 15 मिनट में 100 सवाल सॉल्व) ने पटवारी 2023 की पोल खोल दी।
तथ्य: 7/10 टॉपर ग्वालियर के BJP MLA संजीव कुशवाहा से जुड़े NRI कॉलेज के एक ही केंद्र से! कई टॉपर बुनियादी विषय का नाम तक नहीं बता पाए। फिर भी एक सदस्यीय समिति ने क्लीन चिट दे दी?
अब सवाल ये हैं:
• पटवारी में भी impersonation और solver gang का खेल था?
• युवाओं की नौकरियों का सौदा किसके इशारे पर हो रहा है?
• BJP सरकार CBI जांच क्यों टाल रही है? व्यापम 2.0 कब तक चलेगा?
मध्यप्रदेश का विपक्ष और बड़े पत्रकार तो सवाल करने से रहे! तो आप ही पूंछे 😡
@MPYuvaShakti @NEYU4INDIA
Ar. Bhagvan Singh Mukhraiya retweeted
क्या कुशासन मचा है प्रदेश में मुख्यमंत्री जी। एक तरफ प्रदेश के नेता लाखों रोजगार देने की बात कर रहे है । और दूसरी ओर बिजली विभाग में 545 चयनित OA GRADE-3 को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने के 9 माह बाद भी ज्वाइनिंग नहीं दे पा रही है। चयनित अब सामूहिक आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर
लगता है मुखिया जी ने नौकरियों से ज़्यादा ‘दावों’ की भर्ती कर ली है..
हकीकत भी देख लीजिए—इंदौर में 306 दिव्यांग उम्मीदवार एक साल से नियुक्ति के इंतजार में बैठे हैं।
@SwachhIndore @KailashOnline @Anurag_Dwary @IndoreCollector @advpushyamitra @Narayan4bjp_ @sanjaygupta1304
मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है और इसी दिशा में विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया के तहत अब तक 70 हजार पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं : CM
@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh
Ar. Bhagvan Singh Mukhraiya retweeted
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित एसआई/सूबेदार भर्ती परीक्षा और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की तारीख एक ही दिन (26 अप्रैल) निर्धारित कर दी गई है।
यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। लगभग 5,000 से अधिक अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो दोनों परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं। एक ओर पीएससी प्री की तारीख महीनों पहले घोषित थी, वहीं दूसरी ओर एसआई भर्ती के मुख्य परीक्षा के लिए पहले सिर्फ 15 दिन का समय दिया गया और संशोधन के बाद भी मुश्किल से 30-35 दिन ही मिल रहे हैं, जबकि सिलेबस अत्यंत विस्तृत है।
जबकि सामान्यतः प्रतियोगी परीक्षाओं में कम से कम 90 दिन का समय दिया जाता है, ताकि अभ्यर्थी उचित तैयारी कर सकें।
मैं सरकार से मांग करता हूँ कि एसआई/सूबेदार भर्ती परीक्षा की तिथि तत्काल बदली जाए, अभ्यर्थियों को कम से कम 3 माह का पर्याप्त समय दिया जाए और भविष्य में ऐसी तिथि टकराव जैसी लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
@JansamparkMP
@MppscO


































