
Founder and National Convener #BrahmPunj_Foundation , Spl. correspondent #IBNews
Delhi NCR
Joined January 2018
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रामायण नहीं, इस्लामिक रामायण।
मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम है।
पाकिस्तानी गोमांस खाने वाला, हिंदू देवी देवताओं का उपहास करने वाला नशेड़ी बन गया राम।
जय श्री राम नारे को कोसने वाली सीता।
बुर्के वाली का बाप कव्वाली गवा रहा है राम दरबार में।
चप्पल खाने योग्य महापाप है।
रामायण film के दो गाने सुने।
@malhotra_namit ने पैसे फूंके हैं क्योंकि कुमार विश्वास से बेहतर गीत AI लिख कर दे देगा।
इस व्यक्ति को अपनी कलम तोड़ कर स्याही मुंह पर घिस लेनी चाहिए।
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अब तो लगता है 🤔 कि आने वाले दिनों में परीक्षा में फेल होने और नकल करते पकड़े जाने पर भी सरकार से मुआवज़ा माँगने का नया ट्रेंड शुरू हो जाएगा! 😂
मेहनत से नंबर नहीं मिले तो सिस्टम दोषी, नकल पकड़ी गई तो समाज दोषी! 😭
🤦🏻
IIT Bombay case
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Om Namah Shivaya Shivaya Namah Om Hara Hara Mahadev Shambho Shankara
ज़िंदगी कुल्फी की तरह है
टेस्ट करो या वेस्ट करो,
पिघल तो रही ही है.....
इसलिए स्वाद लेना सीखो,
वेस्ट तो वैसे भी हो ही रही है.....
🌹 सु_प्रभात 🌹
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Ji, hamare yahan chalni ka riwaj nahi hai. Hum chand ko seedhe argh dete hain.
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हमारे तरफ तो छलनी use नहीं होती, direct दर्शन करते हैं चंद्र देव के। UP के कई क्षेत्रों में सरगी का रिवाज भी नहीं है। एक रात पहले ही जो भी भोजन किया। रात 12 से पहले याद रहा तो एक ग्लास पानी ले लिया बस.
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यही सच जो भ्रष्ट है । घरों में ऐसी नौटंकी नहीं देखी । जौहरों और चोपड़ाओ वाली community ने परंपरा बर्बाद की ।
" लेकिन करण जौहर, यश चौपड़ा ने करवा चौथ को लेकर ना जाने कौन सा शास्त्र पढ़ा कि बिल्कुल अर्थ ही बदल कर रख दिया। "
मेरा कल का post
#करवा_चौथ में दो परम्पराओं का प्रवेश बहुत ज्यादा तेजी से हुआ था, एक तो चन्द्रमा को छलनी में देखना और अपने पति का मुख भी छलनी से निहार कर पति के हाथ से ही जल पीकर व्रत खोलना।
जबकि हमेशा देखा था कि घर की महिलाएं घर के आंगन में पूजा करके पूजा छतों पर इकट्ठी होतीं, उगते चन्द्रमा को शीघ्रता से अर्घ्य देती, नीचे आकर घर में दूसरे बड़ों के चरण स्पर्श करने के साथ ही अकेले या ओट में मौका पाकर पति के भी पांव छू लेती थी
अब गूगल पर करवा चौथ पूजा के फोटो सर्च करे तो एक भी फोटो ऐसा नहीं दिखा जिसमें कि महिलाएं बिना छलनी के सीधे सीधे चन्द्र दर्शन कर रही हों,
जबकि व्रत की कहानी में तो छलनी ही व्रत नष्ट होने का कारण बनी।
एक सेठ की पुत्री जो कि अपने 7 भईयों की लाड़ली थी , करवा चौथ पर अपने मायके में थीं.... उसने व्रत रखा.... भाई लोग शाम को घर आये.... व्रत की वजह से भूख प्यास से व्याकुल लाड़ली बहिन का मलिन चेहरा देखा.... चंद्रोदय में देरी थी...
एक भईया छलनी दिया लेकर पेड़ पर चढ़ गया... वहां छलनी के पीछे दिया दिखा कर बहिन को चन्द्रमा बता कर अर्घ दिलवा दिया...
चन्द्रमा के धोखे में छलनी को अर्घ देने से व्रत टूट गया.....
शेष कथा स्थानीय परम्परा के अनुसार अलग अलग हो सकती है,
लेकिन एक बात कॉमन है कि छलनी को अर्घ देने से व्रत टूट गया।
लेकिन करण जौहर, यश चौपड़ा ने करवा चौथ को लेकर ना जाने कौन सा शास्त्र पढ़ा कि बिल्कुल अर्थ ही बदल कर रख दिया।
अरे चलो बजारवाद , शॉपिंग , मंहगे गिफ्ट , ब्यूटी पार्लर का श्रंगार आदि की एंट्री हुई तो हुई लेकिन समझ में नहीं आता कि -
व्रत का आध्यत्मिक और शास्त्रीय रूप क्यों बदल कर रख दिया ?
धर्मभीरु महिलाएं चाहें तो व्रत परायण और चन्द्रमा को अर्घ देने की मूल परम्परा को पुनः वापस ला सकती हैं..
बस थोड़ा साहस कर छलनी को हटाना पड़ेगा।
करवा चौथ ही है जिस व्रत पर चंद्रदेव अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं।
छलनी से उनके तेज का लाभ मत गंवाईये..
उनके दर्शन खुली आँखों से करके उनसे अपनी मनोकामना करना शुरू तो करें..!
✨
कुछ ही सालों में छलनी गायब हो जाएगी 🙏
#सनातनधर्म_सर्वश्रेष्ठ_है
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सत्य कहा मेरे घर में कभी चलनी का उपयोग नहीं किया जाता है।
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hamare ghar me aaj bhi छलनी talni ko koi na puchhta























