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सवाल : नेहा बोरा को हिंदुओं के खिलाफ घृणित बयान देने के लिए माफी मांगनी चाहिए ?
समाजवादी पार्टी प्रवक्ता का जवाब : बागेश्वर बाबा, माफी मांगें, नरेन्द्र मोदी माफी मांगें।
सवाल : बागेश्वर बाबा माफी मांग चुके हैं...
समाजवादी प्रवक्ता का जवाब : अब्बा..डब्बा.. चब्बा..
Karnataka me bus ka kiraya badya 8 rupees milk me badyaa but pappu Media member
@ranvijaylive 🤡 🤡🤡🤡
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समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।अखिलेश यादव का मानना है कि वह मुख्यमंत्री तभी बनते हैं जब चुनाव नहीं लड़ते हैं।
अखिलेश यादव का चुनाव न लड़ने का फैसला एक सोची-समझी रणनीति है।अखिलेश जानते हैं कि वह अपनी पार्टी के सबसे बड़े नेता और स्टार प्रचारक हैं। उनकी पार्टी उनके ऊपर पूरी तरह निर्भर है।उन्हें सभी 403 सीटों पर पार्टी का और सहयोगी दलों का प्रचार करना होगा।
अगर अखिलेश विधानसभा का चुनाव लड़ते तो भाजपा उनको उनकी सीट पर उलझाए रखने के लिए उनके सामने उनके किसी परिवार के सदस्य को या किसी हैवीवेट कैंडिडेट को उतार कर अखिलेश को उनकी ही विधानसभा सीट में घेर सकती थी।चुनाव ना लड़कर अखिलेश पूरा ध्यान पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की रणनीति को मजबूत करने और पूरे प्रदेश में पार्टी का माहौल बनाने पर देंगे।अखिलेश यादव कह सकते हैं कि वह एक सीट पर नहीं पूरे 403 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
यूपी में कौन कौन से मुख्यमंत्री पहले सीएम बने और बाद में विधायक बने।
त्रिभुवन नारायण सिंह उत्तर प्रदेश के इतिहास में ऐसे पहले मुख्यमंत्री थे जो सीएम की शपथ लेते समय विधायक नहीं थे।1970 में सीएम बनने के बाद त्रिभुवन नारायण सिंह ने गोरखपुर की मनीराम सीट पर विधानसभा उपचुनाव लड़ा और हार गए, जिसके बाद उनको इस्तीफा देना पड़ा था।
बसपा प्रमुख मायावती ने जब गेस्ट हाउस कांड के बाद भाजपा के समर्थन से 1995 में सीएम बनी तब मायावती विधायक नहीं थी। हालांकि मायावती की सरकार 4 महीने में ही गिर गई।
1999 में कल्याण सिंह को हटाकर जब भाजपा ने राम प्रकाश गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया, तब वे भी किसी सदन के सदस्य नहीं थे।सीएम बनने के बाद वह विधान परिषद के सदस्य बने।इसके बाद जब साल 2000 में राजनाथ सिंह ने पहली बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब वे भी विधायक नहीं थे।बाद में उन्होंने हैदरगढ़ विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर विधानसभा की सदस्यता हासिल की थी।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने 2003 में तीसरी बार जब मुख्यमंत्री की शपथ ली थी तब मुलायम संभल से लोकसभा सांसद थे।सीएम बनने के बाद मुलायम सिंह यादव ने गुन्नौर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता था।
साल 2007 में जब बसपा को पूर्ण बहुमत मिला था तब भी मायावती विधायक नहीं थी।सीएम बनने के बाद वह एमएलसी बनीं।
साल 2012 में जब अखिलेश यादव ने यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली,तब वे कन्नौज से लोकसभा सांसद थे।मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दिया और विधान परिषद के रास्ते सदन के सदस्य बने।
2017 के यूपी चुनाव में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, तब योगी गोरखपुर से लोकसभा सांसद थे।मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण की थी, हालांकि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में योगी ने गोरखपुर शहरी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बनकर सीएम बने थे।
2027 के इस यूपी विधानसभा चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बनने वाला कोई सीएम बनता है या बिना विधानसभा चुनाव लड़े कोई नेता सीएम बनता है।
Congress spokesperson
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झारखंडः जबरन संबंध बनाया, बच्चा ठहरा तो गर्भपात कराया, फिर कहा; इलाज में जो खर्च हुए, उसकी वसूली करेंगे, चर्च के फादर पर गंभीर आरोप joharlive.com/news/jharkhand…
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राजनीति में नीचे गिरने की निम्नतम स्तर देखिए
यह लुक्का कांग्रेस के बड़े नेता कट्टर ईसाई मिशनरी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का बेटा अमित जोगी है
आप लोगों को अजीत जोगी की कहानी पता ही होगी छत्तीसगढ़ के सीनियर कांग्रेस नेता जिन्होंने छत्तीसगढ़ बनने से लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई यानी विद्या चरण शुक्ल और श्यामा चरण शुक्ला को साइड करके सोनिया गांधी ने अजीत जोगी को मुख्यमंत्री बनाया क्योंकि अजीत जोगी भी सोनिया गांधी की तरह कट्टर क्रिश्चियन थे
और क्रिश्चियन मिशनरियों ने सोनिया गांधी से कहा कि अजीत जोगी हर हाल में छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनना चाहिए ताकि छत्तीसगढ़ के आदिवासी एरिया में हमारा धर्मांतरण का काम तेजी से चलता रहे
दरअसल राजनीति में आने के पहले अजीत जोगी प्रशासनिक अधिकारी थे और दिल्ली के उसी चर्च में प्रार्थना करने जाते थे जिस चर्च में सोनिया गांधी जाती थी तब से दोनों ईसाई मिशनरियों से जुड़े हुए थे
उसके बाद अजीत जोगी ने कांग्रेस का ऐसा भट्ठा बैठाया की लंबे समय तक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सत्ता में नहीं आई
और अब देखिए इस कट्टर क्रिश्चियन अजीत जोगी का बेटा अमित जोगी मोदी जी और ज्ञानेश कुमार जी पर कितना घटिया अभद्र और अश्लील मजाक कर रहा है
अबे राजनीति में गिरने की निम्नतम स्तर तुम लोग पार कर चुके हो और जनता चुपचाप देख रही है फिर जनता EVM में जाकर जवाब देती है









