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लॉरेंस बिश्नोई को ‘लॉरेंस बिश्नोई साहब’ कहकर संबोधित करना केवल शब्दों का प्रयोग नहीं, बल्कि सम्मान की सामाजिक परिभाषा पर भी सवाल खड़ा करता है।
लॉरेंस बिश्नोई को ‘लॉरेंस बिश्नोई साहब’ कहकर संबोधित करना केवल शब्दों का प्रयोग नहीं, बल्कि सम्मान की सामाजिक परिभाषा पर भी सवाल खड़ा करता है।
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"राजनीति में हिस्सा ना लेने का सबसे बड़ा दंड यह है कि अयोग्य व्यक्ति आप पर शासन करने लगता है।"
-भीमराव अंबेडकर
"राजनीति में हिस्सा ना लेने का सबसे बड़ा दंड यह है कि अयोग्य व्यक्ति आप पर शासन करने लगता है।"
-भीमराव अंबेडकर
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“गोडसे को कितना भी पूजो, आख़िर में बापू के रास्ते पर ही चलना पड़ेगा।”
-तुषार गांधी
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"मैं भारत में हर चुनाव हारने के लिए तैयार हूँ, मगर साम्प्रदायिकता और जातिवाद को बढ़ावा देने के लिए हरगिज़ नहीं।"
-जवाहरलाल नेहरू
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-जवाहरलाल नेहरू
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इतिहास स्वयं को दोहरा नहीं रहा, बल्कि हमारे समय का आईना दिखा रहा है।
महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को मुंबई में उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अगस्त क्रांति मैदान जा रहे थे।
विडंबना देखिए—जिस अगस्त क्रांति मैदान से 1942 में अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का बिगुल बजा था, उसी ऐतिहासिक विरासत की ओर बढ़ते एक गांधीवादी को आज हिरासत का सामना करना पड़ रहा है।
इतिहास सवाल पूछेगा—सत्ता ने विरोध की आवाज़ को सुना या उसे रोकने की कोशिश की?
इतिहास स्वयं को दोहरा नहीं रहा, बल्कि हमारे समय का आईना दिखा रहा है।
महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को मुंबई में उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अगस्त क्रांति मैदान जा रहे थे।
विडंबना देखिए—जिस अगस्त क्रांति मैदान से 1942 में अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का बिगुल बजा था, उसी ऐतिहासिक विरासत की ओर बढ़ते एक गांधीवादी को आज हिरासत का सामना करना पड़ रहा है।
इतिहास सवाल पूछेगा—सत्ता ने विरोध की आवाज़ को सुना या उसे रोकने की कोशिश की?
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"रामराज्य से मेरा मतलब हिंदू राज नहीं है। मेरे रामराज्य का अर्थ है- ईश्वर का राज्य। मेरे लिये, राम और रहीम एक ही हैं; मैं सत्य और धार्मिकता के ईश्वर के अलावा किसी और ईश्वर को स्वीकार नहीं करता।"
-महात्मा गांधी





