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Please let yourself be kissed by me, for a long time and as calmly as possible
Franz Kafka, 1913.
एक अदद छोटा-मोटा चुनाव क्या हो जाता है, सब ऐसे उछलने लगता है मानो जाति का कोई खोया हुआ साम्राज्य वापस मिल गया हो।
Some Muslims in Bihar celebrate Chhath Puja and recite the Hanuman Chalisa. My question is: Does the Muslim community not consider them Muslims?
"I'm afraid of even the smallest things. Because of this, there are so many things I want to do but can't bring myself to do. I've missed out on some really good opportunities simply because of my fear. 😔"
कहानी का नाम है the black cat, लेखक हैं एडगर एलन पो
शराब और गुस्से में डूबा एक आदमी अपनी ही प्यारी बिल्ली की आँख निकाल देता है, फिर उसे फाँसी पर लटका देता है। जुर्म का बोझ उसे चैन नहीं लेने देता। वो अपनी पत्नी की भी हत्या कर देता है और लाश दीवार में चुनवा देता है। पर दीवार के पीछे से आई एक चीख उसका राज़ खोल देती है।
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🚨 URGENT HELP: MISSING PERSON
Name: Devpalik Gupta
Train: Jan Shatabdi Express (12366)
PNR: 6511266869
Coach/Seat: C2 / 50 (WS)
Route: Ranchi to Patna Junction
He went missing from the moving train before Muri Junction.
If anyone has seen him or has contacts at Muri Junction Railway Station or with GRP/RPF, please help urgently.
मेरा एक ड्रीम ये भी है कि मैं कहीं दूर जाऊँ, हाथ में एक किताब हो, दूरबीन से पक्षियों को देखूँ, उनकी आवाज़ें सुनूँ। किसी दूर आइलैंड पर या जंगल में कहीं भी।
एडगर एलन पो की एक कहानी है, जिसमें एक व्यक्ति केवल इसलिए एक बूढ़े आदमी की हत्या कर देता है, क्योंकि उसकी आँखें उसे असहज करती हैं। वो उसकी आंख को गिद्ध के आंख जैसा डिस्क्राइब किया है।
एक IPO अलॉट हुआ था। मैं तो पहले 10 मिनट में ही बेचकर खुश हो गया। अब आज देख रहा हूँ कि अगर दो दिन और रुक गया होता, तो आज डबल प्रॉफिट होता। मुझमें इतना धैर्य क्यों नहीं है? 😭😭😭
भीतर एक अनवरत प्रश्न हमेशा कोंचता रहा है~मेरा कोई सहचर क्यों नहीं? यह अबाध, अंतहीन एकाकीपन ही मेरे हिस्से क्यों आया?
किंतु अब एक निष्ठुर बोध होता है। कोई तुम्हारे इस शून्य में अकारण क्यों विचरण करेगा? संसार में आत्मीयता भी तो अंततः एक मौन विनिमय है, जो किसी न किसी वैभव की अपेक्षा रखती है।रूप का आकर्षण, अर्थ की झंकार, या फिर ज्ञान का दर्प। मेरी अंजुलि तो सर्वथा रिक्त है, मैं नितांत अकिंचन हूँ।






















