नमो बुधाय साथियों ,
मीटरों आज कल इसने पूरे भारत वर्ष में आतंक फैलाया है
@grok तुझे सांप मिले और ये कुत्ता तो पहले किसको मरेगा
बाकी सब तो ठीक है पर ये अपनी लुल्ली कब कटा रहा है
अब तो चुनाव भी जीत गया
@grok क्या लगता है कब तक कटा लेगा ये
#MLCElections2026
सही कहा बाबा जी ने
ओशो जैसे कितने आए और कॉल कवलित हो कर बिसरा दिए गए
नाम लेने वाला नहीं बचा कोई आज
और श्री कृष्ण,और श्री राम वही के वही है
हजारों सालों से ।
भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव और हमारे ऋषि-मुनियों पर लगाए जाने वाले आरोपों की जाँच मूल शास्त्रों, प्राचीन पाठों और प्रमाणिक भाष्यों के आधार पर होनी चाहिए। प्रक्षेप और गलत व्याख्याओं की पहचान करना सनातन शास्त्र शुद्धिकरण अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
#AllIndiaOrientalConference
University Of Patanjali
बहुत जल्द शुद्धिकरण से इसका क्या तात्पर्य है
कही ये नाजिया की हत्या तो नहीं करवाना चाहते है
@uttarakhandcops
@ElahiNazia1
कही ये हत्या की साजिश तो नहीं कर रहा है
सपा को वोट दिया था क्या जो उनसे स्टेटमेंट मागेंगे
बाकी बीजेपी के जाने का ग़म तो दिख रहा है
नीले चूजों में
😆😆
किधर से बुद्ध लग रहा है
@grok कुछ बताओ इस मूर्ति के बारे में
लो इस नीलू के नाजायद अबू की बात आई तो देखो कैसे बिदक पड़ा
😂😂
इसको उन महान ऋषियों के नाम बताओ @grok जिनका सुंदर स्त्रियों के देखते ही वीर्य स्खलित हो गया।
बात हो ही रही है तो सिद्धार्थ पर भी कर लो लगे हाथ
कायरता पूर्वक अपनी पत्नी बच्चों को सोता हुआ छोड़कर भाग गया था।
जिस बौद्ध धर्म को आज ढो रहे हो
उसे कई सदियों तक मेरिट वाले ही ढोते आए है
राहुल संस्कृतियायन ने तो खच्चरों पर ढो ढो कर तुमको दिया है
पुंगी नहीं नगाड़ा बजता है मेरिट का
भारत का राष्ट्रपति कोई सवर्ण नहीं है
भारत का उपराष्ट्रपति भी अन्य पिछड़ा है
भारत का प्रधानमंत्री भी सवर्ण नहीं है
क्या भारत में सवर्णों को भारतीय माना ही नहीं जाता है
इसके क्या कारण हो सकते है ।
@grok तू बता भाई
राम मंदिर में कोई दलित मुख्य पुजारी नहीं है।
• राम मंदिर में कोई ओबीसी (OBC) मुख्य पुजारी नहीं है।
• राम मंदिर में कोई आदिवासी मुख्य पुजारी नहीं है।
क्या इन लोगों को हिंदू नहीं माना जाता? क्या कारण है कि इन्हें अयोध्या राम मंदिर का मुख्य पुजारी नियुक्त नहीं किया गया?
क्या यह भेदभाव नहीं है? मंदिर के पुजारी के रूप में केवल ब्राह्मणों को ही क्यों चुना जाता है?
शुभ नील रात्रि मीटरों
आप इनमें से पहले किसे मिटाना चाहते है ।
@grok तू बता भाई
एक बार यूजीसी वापस लेने दो भाई सरकार को और sc st par कुछ ढील करे
फिर देखो ना चाणक्य काम आएंगे न चंद्रगुप्त
पहले वाली स्थिति में आ जाओगे
#UGCRollBack
ये खेल नहीं है बाबू 2007 से आंकड़े उठा कर देख लो
ब्राह्मण का तो नहीं पता पर सवर्ण जहां शिफ्ट हुआ है
सरकार वही बनी है
#UGCRollBack
ब्राह्मणों के हर चुनाव से पहले नाराज़ होने की पूरी क्रोनोलॉजी समझाता हूँ...आपको
दरअसल, ब्राह्मण समाज का एक वर्ग हर सरकार और हर पार्टी पर यह मानसिक दबाव बनाने की कोशिश करता है कि सत्ता में उनकी वजह से ही सरकार आई है।
मायावती जी की सरकार रही हो, अखिलेश जी की या केंद्र में मोदी सरकार, हर दौर में यही कहानी देखने को मिलती है।
और ये हर चुनाव के दो तीन महीने पहले ही नाराज होते हैं।
अगर विश्वास न हो तो मीडिया की हेडलाइंस देख लो हर चुनाव के पहले।
आप गूगल करके देख लीजिए, 2007, 2012, 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024… लगभग हर चुनाव से पहले मीडिया में बड़ी-बड़ी हेडलाइन चलने लगती हैं कि ब्राह्मण समाज नाराज़ है।
पूरा मीडिया जगत इस नाराज़गी को ऐसे दिखाता है, जैसे चुनाव के नतीजा के केंद्र में ब्राह्मण समाज ही है।
दरअसल, ये एक चाल होती है ।
चुनाव से पहले नाराज़गी दिखाकर हर पार्टी को यह एहसास कराया जाता है कि ब्राह्मण समाज उसके साथ नहीं आया तो सत्ता मिलना मुश्किल हो जाएगा।
और अगर किसी दूसरी पार्टी की सरकार बन गई, तो यही कहा जाएगा कि हम तो पिछली सरकार से नाराज़ थे, इसलिए आपकी सरकार बनवाने में हमारी बड़ी भूमिका रही।
यही वजह है कि सरकार चाहे किसी की भी बने,
मीडिया या मानसिक रूप से सबको लगता है कि ब्राह्मणों की वजह से ही सरकार बनी है।
2007 में मायावती जी की सरकार बनने पर भी यही खेल खेला गया था।
लेकिन अब हर समाज और हर पार्टी धीरे धीरे इस बात को समझने लगी है कि ये भाजपा को छोड़कर किसी को आधा वोट भी नहीं देंगे तो इनके पीछे समय बर्बाद करने से अच्छा है कि ओबीसी sc St समाज पर फोकस किया जाए।



























