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जीवन में कुछ पाना हो तो कभी किसी को रुलाना मत!!
उत्तर प्रदेश
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Hazira Port’s importance becomes clearer when you look beyond Surat.
Adani’s Hazira Port serves a primary catchment covering Gujarat, Madhya Pradesh and Maharashtra, with its wider reach extending towards Rajasthan and North India.
This geographic connectivity gives industries access to a maritime gateway for raw materials while creating onward links to major consumption and manufacturing markets.
Ports become powerful when geography works in their favour.
youtube.com/watch?v=w7rvdBbz…
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अद्भुत यह तो चमत्कारी है जीवन में पहली बार ऐसा चमत्कार देख रहे हैं यही तो सनातन धर्म की ताकत है जो असंभव को भी संभव कर देता है,
🤖 Made with AI
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बुद्धि बड़ी या ताकत, आज इसका नजारा भी देखने को मिल गया।अजीब सा रूप देखकर भैंस ने ताकत आजमाने के बजाय अपनी बुद्धि लगाई और मौका मिलते ही दौड़ लगा दी। कभी-कभी समझदारी यही होती है कि मुकाबला करने के बजाय सही समय पर रास्ता बदल लिया जाए। 😄
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डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने अखिलेश यादव के 2012-2017 के शासनकाल को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उस दौर में दलित अधिकारियों के साथ अन्याय हुआ और बड़ी संख्या में अधिकारियों को रिवर्ट किया गया।
दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता खत्म करने का भी आरोप है।
आज अखिलेश यादव दलित हितैषी होने का दावा करते हैं तो अपने शासनकाल के इन फैसलों पर जवाब भी दें।
सवाल सिर्फ राजनीति का नहीं उन दलित परिवारों के अधिकारों और सम्मान का है
जिनके नाम पर राजनीति की जाती है।
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डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सपा सरकार के 2012-2017 के कार्यकाल को दलितों के लिए बेहद प्रतिकूल बताया। उनका आरोप है कि इस दौरान करीब दो लाख दलित अधिकारियों को रिवर्ट किया गया और दलितों के भूमि अधिकारों को भी कमजोर किया गया।
नई राजस्व संहिता में जमीन आवंटन की प्राथमिकता खत्म करने और दलितों की जमीनों पर कब्जे के आरोपों ने उस दौर की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने अखिलेश यादव के 2012 से 2017 तक के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, इस दौरान दलित उत्पीड़न के कई मामले सामने आए और करीब दो लाख दलित अधिकारियों को रिवर्ट किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नई राजस्व संहिता के जरिए दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता समाप्त की गई और उनकी जमीनों पर कब्जे हुए।
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अखिलेश सरकार पर दलित उत्पीड़न के गंभीर आरोप!
डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने 2012-17 के सपा शासन को दलितों के लिए सबसे खराब दौर बताया।
आरोप है कि 2 लाख दलित अधिकारी रिवर्ट किए गए, नई राजस्व संहिता से जमीन आवंटन में दलितों की प्राथमिकता खत्म हुई और उनकी जमीनों पर कब्जे हुए।
सवाल सीधा है दलित हितों की बात करने वाली राजनीति में दलितों के साथ वास्तव में क्या हुआ?
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अखिलेश यादव की सपा सरकार पर डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल का बड़ा हमला!
विधान परिषद सदस्य और यूपी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. निर्मल ने 2012-17 के सपा शासन को दलितों के लिए बेहद खराब दौर बताया।
उनका आरोप है कि इस दौरान करीब 2 लाख दलित अधिकारियों को रिवर्ट किया गया, नई राजस्व संहिता के जरिए दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता खत्म हुई और दलितों की जमीनों पर कब्जे हुए।
दलितों के हितों की राजनीति का दावा, लेकिन जमीन पर क्या हुआ इस पर सवाल आज भी कायम हैं।
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उत्तर प्रदेश ने वह दौर भी देखा है जब अपराध और अराजकता बड़ी चुनौती थे।
आज वही प्रदेश अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और कानून के शासन की पहचान बना रहा है।
डकैती में 84% से अधिक और लूट में 77% से अधिक की कमी ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बदलती कानून व्यवस्था की तस्वीर हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की जीरो टॉलरेंस नीति का यही असर है।
#YogiAdityanath #UPTransformation #ZeroTolerance
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सपा के समय अपराधियों के लिए माहौल और योगी सरकार में कानून के लिए माहौल उत्तर प्रदेश की तस्वीर खुद अंतर बता रही है।
अपराध के आंकड़ों में आई बड़ी गिरावट बताती है कि सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस की नीति का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है।
#YogiAdityanath #LawAndOrder #UttarPradesh
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बिहार के विद्यार्थियों का भविष्य अब सुशासन सरकार की प्राथमिकता है।
सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की मजबूत आधारशिला रखी जा रही है।
उद्देश्य सिर्फ व्यवस्था सुधारना नहीं, बल्कि बिहार की प्रतिभाओं को बिहार में ही बेहतर अवसर देना है।
2030 तक ऐसा बिहार बनाने का संकल्प है जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
जहां आधुनिक शिक्षा हो बेहतर संस्थान हों और प्रतिभा को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।
बिहार का हर विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करे, यही सरकार का संकल्प है।
शिक्षित बिहार, सक्षम युवा और विकसित बिहार यही सुशासन की दिशा है।
@sambrat4bjp
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सपा में अंदरूनी कलह अब इतनी बढ़ गई है कि अखिलेश यादव के सामने ही नेता आपस में भिड़ रहे हैं एटा-कासगंज में सिर्फ जिलाध्यक्ष नहीं, बल्कि पूरी संगठनात्मक इकाइयों को भंग करना पड़ा। यह कार्रवाई सपा के भीतर चल रही गुटबाजी और संगठनात्मक खींचतान पर बड़ा सवाल खड़ा करती है 2027 से पहले अखिलेश यादव को पहले अपने ही संगठन को संभालना होगा, तभी चुनावी मैदान की बात आगे बढ़ेगी।
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सपा में अंदरूनी कलह अब बंद कमरों से निकलकर सार्वजनिक मंच तक पहुंच गई है। लखनऊ की बैठक में अखिलेश यादव के सामने ही नेताओं का आपस में भिड़ना संगठन की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एटा-कासगंज की पूरी संगठनात्मक इकाइयों का भंग होना बताता है कि मामला सिर्फ जिलाध्यक्ष तक सीमित नहीं है 2027 से पहले अखिलेश यादव के सामने गुटबाजी सबसे बड़ी चुनौती बनती दिख रही है।
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सपा की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आती दिख रही है। लखनऊ की बैठक में अखिलेश यादव के सामने ही नेताओं के बीच विवाद और एटा-कासगंज की संगठनात्मक इकाइयों का भंग होना पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर सवाल खड़े करता है।
जब संगठन में एकजुटता नहीं होगी, तो चुनावी तैयारियों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। अखिलेश यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को संभालने की होगी।
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सपा की अंदरूनी गुटबाजी अब खुलकर सामने आ रही है। अखिलेश यादव के सामने नेताओं का विवाद और एटा-कासगंज की इकाइयों का भंग होना संगठन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अखिलेश जी, गुटबाजी से कैसे निपटेंगे? 2027 में जनता इसका जवाब देगी।
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तब अपराधियों का बोलबाला था, आज कानून का बोलबाला है।
डकैती और लूट जैसी गंभीर घटनाओं में भारी गिरावट उत्तर प्रदेश में आए बदलाव की तस्वीर सामने रखती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की जीरो टॉलरेंस नीति ने अपराध के खिलाफ कार्रवाई को शासन की प्राथमिकता बनाया है।
#YogiAdityanath
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विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित है सुशासन सरकार।
सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
लक्ष्य स्पष्ट है बिहार के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर अवसर अपने ही राज्य में मिलें।
2030 तक ऐसी व्यवस्था बनाने का संकल्प है कि पढ़ाई के लिए बिहार के विद्यार्थियों को बाहर जाने की मजबूरी न रहे।
हर प्रतिभा को अवसर, हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर परिवार को भरोसा देने की दिशा में सरकार लगातार आगे बढ़ रही है।
बिहार का युवा बिहार में पढ़ेगा आगे बढ़ेगा और अपने राज्य के विकास में योगदान देगा।
यही है विकसित और आत्मनिर्भर बिहार की मजबूत नींव।
@sambrat4bjp
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2017 से पहले अपराधियों के हौसले बुलंद थे, लेकिन 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून का राज मजबूत हुआ। डकैती में 84% से अधिक और लूट में 77% से अधिक की कमी दर्ज हुई।
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सपा के शासनकाल की पहचान अपराध और अराजकता से बनी, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा गया।
डकैती में 84% से अधिक और लूट में 77% से अधिक की कमी बताती है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर शासन का रुख कितना सख्त हुआ है।
#YogiAdityanath #LawAndOrder #UPTransformation
सपा के शासनकाल की पहचान अपराध और अराजकता से बनी, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा गया।
डकैती में 84% से अधिक और लूट में 77% से अधिक की कमी बताती है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर शासन का रुख कितना सख्त हुआ है।
#YogiAdityanath #LawAndOrder #UPTransformation