@suchitrade10

A Common Citizen

Joined April 2019
No Regret, No Repentance, No Remorse. Assam will do whatever it takes to secure our rhinos.
Kaziranga: The park that shoots people to protect rhinos bbc.in/2kub7jV
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Proposal to Rename Kolkata Metro Stations: Senior leader Tathagata Roy (@tathagata2) objects to naming Metro stations after individuals (such as Mahanayak Uttam Kumar, Hemanta Mukhopadhyay, and Jyotirindra Nandi) as well as misleading geographic labels like Beliaghata and Netaji Bhavan. He plans to submit a proposal to the government naming committee advocating stations be named strictly after their actual, accurate localities to avoid passenger confusion. I personally support this move to be honest. These kind of names creates confusions in both blue line & especially orange line.
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देवियों और सज्जनों, हिंदी दिवस की आप सभी को एक तमिल भाषी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।
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"Fake atrocity literature & the state's incentive to reward backwardness is leading to a mass psycopathy where everyone's rushing to claim an oppressed status, forgetting their own history & culture" Thank you @jsaideepak for saying this out loud. Wonderful conversation with @infinitchy
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> Appropriated a Bhim party whose members regularly abuse Hindu gods & festivals. No action is ever taken. > Appropriated a meme party CJP & openly surrendered to them. This govt regularly makes a joke of its own voters, time and again!
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क्या SC/ST एक्ट का नाम 'मोदी एक्ट' कर देना चाहिए?
86%हाँ
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Nobody knew this Chandrashekhar Ravan few years ago. Now, his Bhim Army goons are active across Uttar Pradesh. NSA was revoked, has Y+ security, regularly threatens police & always gets permission for protests. The game played was dirty. But GCs are finally waking up too!!
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Odisha under BJP govt – 5248 vacancies for Medical Officers – Reserved category seats - 4837 General category seats - Just 411 This is 92% Reservations. Reservation in healthcare — where people can literally die without proper doctors. This country is digging its own grave. @ThusSpokeDharma @neha_laldas
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ये हैं हमारी मांगें👇 चेहरा कोई भी हो, मांगें यही रहेंगीं! धन्यवाद🙏
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The draconian SC/ST Act allows arrest without a preliminary enquiry and makes bail extremely difficult. So, did Rahul Gandhi get arrested recently when an SC/ST Act case was filed against him? If not, then what exactly is going on? Either the law is not as powerful as claimed, or politicians seem to operate under a completely different set of rules. One law for ordinary citizens, another for politicians?
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If BJP is pro-reservation, Congress is Pro Max Plus. India needs a strong third front to take on both of these idiots and put merit, competence, and good governance ahead of vote-bank politics.
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Problem with Mohan Bhagwat ji is that he has never commented on Qur'an 8.39 which wants all other religions erased. This one way gyan will not work in today's India. Nobody needs a certificate from the RSS to be a Hindu - neither socially nor constitutionally.
Bhagwat ji has told Hindus that wanting Muslims erased is un-Hindu. Our response as Muslims cannot be applause alone. We must reject Islamist supremacy and contempt for Hindu faith with equal clarity. India’s pluralism cannot survive on Hindu restraint alone coexistence needs two signatures.
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ब्रो! पहले तो धमकी देना और बाप पर जाना बंद करो। हम आपको और आपके जैसे हर नेता को हर गठबंधन में मंत्री बनते देख चुके हैं। कोई किसी का अधिकार नहीं छीन रहा। अठावले जैसे लोग बाल्मीकि, मुसहर, भुइयाँ, डोम, मातंग आदि को आरक्षण का लाभ नहीं देना चाहते इसलिए उपवर्गीकरण जैसी समीक्षा पर बिलबिला उठते हैं। आप एक विचारधाराहीन नेता हैं जो दुर्भाग्य से अपने जाति समूह का स्वघोषित नेता बन कर, उसी समूह की 1000 अन्य जातियों का अधिकार खा रहा है।
ज़मीनी हकीकत और हमारा अधिकार यह एक बेहद कड़वी सच्चाई है कि इक्कीसवीं सदी के इस आधुनिक दौर में भी जातिवाद हमारे समाज की रगों में एक धीमे ज़हर की तरह दौड़ रहा है। ज़मीनी हकीकत यह है कि आज भी गाँवों की सीमाओं के बाहर हमारी अलग बस्तियां हैं, और शहरों में पूरे पैसे होने के बावजूद हमें कई कॉलोनियों में मकान या फ्लैट देने से अघोषित रूप से मना कर दिया जाता है। मंदिरों की पंगतियों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह जाति हमारी योग्यता और हमारे इंसान होने पर हावी कर दी जाती है। हम हर मुद्दे पर स्वस्थ संवाद और चर्चा के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर मीम्स की आड़ में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी का अपमान और आरक्षित समाज के बच्चों के साथ हो रहा जातिगत भेदभाव किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह महज़ कोई पुरानी कुरीति नहीं, बल्कि एक सोची-समझी व्यवस्था है जो समाज के एक बड़े हिस्से को जानबूझकर मुख्यधारा और सम्मानजनक जीवन से आज भी दूर रखे हुए है। इसी अदृश्य लेकिन मज़बूत दीवार को तोड़ने के लिए आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार और प्रतिनिधित्व का एकमात्र हथियार है। लोकतंत्र में आपको जो चाहिए वह ज़रूर मांगें; यहां तक कि हमने भी EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) की आर्थिक सीमा बढ़ाने की मांग का समर्थन किया है। लेकिन किसी और को जो अधिकार मिल रहा है, उसे छीनने की मानसिकता ठीक नहीं है। जब तक समाज में यह जातिगत भेदभाव ज़िंदा है, तब तक न केवल सरकारी बल्कि प्राइवेट सेक्टर (निजी क्षेत्र) में भी आरक्षण लागू होना ही चाहिए। जो लोग वातानुकूलित (AC) कमरों में बैठकर आरक्षण खत्म करने की वकालत करते हैं, उन्हें ज़मीनी हकीकत समझकर ही चर्चा करनी चाहिए। हमारी स्पष्ट चुनौती है पहले आप ज़मीन पर उतरकर, गाँवों और शहरों से इस सड़ी-गली जाति व्यवस्था को जड़ से खत्म करने का काम करें। जिस दिन इस देश से जाति और उसके आधार पर होने वाला भेदभाव पूरी तरह मिट जाएगा, हम खुद आगे बढ़कर अपना आरक्षण छोड़ देंगे।
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PLA propaganda in action , these chinese rescuers had come to Tibet with such difficulty and here to conduct rescue operations they are yelling "is someone there" , how stupid you have to be yell at the two meter mud as if a victim who is buried there might answer you . When will they actually conduct search and rescue instead of putting out well staged propaganda clips
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Big #Breaking ! Mahipal Singh Makrana , Karni Sena chief has given open and formal call to boycott the BJP in upcoming Rajasthan municipal elections &Panchayati Raj elections in protest against UGC Bill! With slogan “Kamal ka phool, Suvaran ki Bhool” It’s high time GC Hindus wake up and smell the coffee BJP is the most anti hindu party , most worrisome part is the hate and contempt they have for general caste Hindus is mind numbing.
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मेरी औकात यही है कि मेरे बाप नौ बार के सांसद नहीं थे बल्कि ‘लाल कार्ड’ धारक किसान रहे और मैंने अपनी प्रतिभा के बल पर वह सब पाया, जो तुम्हारे चिराग जी नौ बार के सांसद पिता के पुत्र हो कर भी कभी पा नहीं सकते। उनको खड़े होने के लिए डंडा चाहिए, चलने के लिए बैसाखी, बोलने के लिए बासी लेख।
Replying to @ajeetbharti
तेरी औकात ही क्या है चिराग पासवान के सामने? तुम जैसे जातिवादी मानसिकता वाले लोगों के लिए ही आरक्षण बनाया गया था जो तब भी बिलबिलाए और अब भी बिलबिला रहे हैं लेकिन उखाड़ कुछ नहीं पाए, तुम सिर्फ जाति दिखा कर अपनी हैसियत ऊंची दिखा सकते वो लेकिन जमीनी स्तर पर नहीं।
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श्री चिराग पासवान जी, आपने कहा आरक्षण पर समीक्षा तो छोड़िए, चर्चा भी नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ को इतने लोग सड़कों पर आ जाएँगे कि सँभालना कठिन हो जाएगा। मुझे नहीं लगता कि आपको ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का अर्थ भी पता है। नौ बार के सांसद और विधायक पिता के पुत्र, आज भी आरक्षित सीट से राजनीति कर रहे हैं। और दुर्भाग्य कि आज भी अपने समर्थकों को आप आगजनी-दंगा करने वाले गुंडों की तरह ही देखते हैं कि इन्हें सँभालना मुश्किल हो जाएगा। आप ऑप्रेस्ड हैं, दलित हैं, पीड़ित हैं और आप सड़कों पर आने की धमकी भी दे देते हैं, ये विरोधाभास कैसे बाँच लेते हैं आप? और हाँ, आपके चाहने, न चाहने से कुछ नहीं होता। घर में टीवी है तो एकाध बार डिबेट देखिए कि ‘चर्चा’ किस विषय पर हो रही है। और @JPNadda जी आरक्षण पर सोच रहे हैं या नहीं, यह भी आपको पता चल जाएगा। वैसे यह भी ठीक है कि जब आपको ही ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का नहीं पता, तो जिन्हें आप सड़कों पर लाना चाह रहे हैं, वो कितना ही समझ पाएँगे। आपकी जाति SC का सबसे बड़ा हिस्सा ले जाती है। पासवान, चमार, धोबी और पासी 95% आरक्षण ले रहे हैं। तो देखिए, युवा बिहारी @iChiragPaswan जी, चर्चा तो आरंभ हो चुकी है और @BJP4India ने एक कदम आधिकारिक रूप में बढ़ाया है, एक कदम अनाधिकारिक रूप से अन्य लोगों से रीच आउट कर के। आप ‘बिहारी फर्स्ट’ की बात करते थे, ये अचानक से माफिया की भाषा क्यों बोल रहे हैं। आप तो मोदी जी के हनुमान हैं, मोदी जी पर विश्वास रखिए। वो चर्चा करवा रहे हैं, वरना आपको लगता है कि अनिल बेलूनी जी की कृपादृष्टि के बिना कोई भी टॉपिक चर्चा में आ सकता है? गेम समझिए। परिस्थिति बदल रही है। महबूबा ने भी धमकी दी थी। वीपी सिंह को भी लगा था कि वो अनंत काल पीएम रहेगा। जनता से उसी पार्टी को चुना जिसके नेता ने संसद में खड़े हो कर ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था। नेहरू ने OBC को 1955 में ही कोटा देने का विरोध किया था। 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया था। पर वो लगातार चुनाव जीतते रहे। तो ऐसा तो है नहीं कि यदि @narendramodi आज इस पर समीक्षा करें, और वह चुनाव हार जाएँगे! संभव है कि सवर्ण और अनरिप्रेजेंटेड ओबीसी, एससी एकमुश्त वोट दे दे! इसीलिए, चर्चा और समीक्षा दोनों हो रही है, और हम रिफॉर्म भी करवा लेंगे।
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श्री नेगोशिएशन प्रताप @JPNadda जी, सादर चरणस्पर्श! अभी आपका यह पोस्ट प्राप्त हुआ और मन आह्लादित हो गया कि सरकार ने आदरणीय हर्ष भाई जी की चिट्ठी पर (जिसमें आरक्षण शब्द ही नहीं था) विचार किया और आप पुनः मिलेंगे। आपसे एक त्रुटि हो गई कि आपने आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे श्री आनंद स्वरूप जी को साथ नहीं लिया! आपने पहले तो (अपने ही द्वारा प्लांटेड) आदरणीय हर्ष भाई को किडनैप करवाया (जैसा कि आदरणीय हर्ष जी ने वीडियो में कहा था), और फिर नीली कलम से दो कौड़ी की डिमांड वाली चिट्ठी लिखवाई, और अब आप सौहार्दपूर्ण वार्ता भी कर रहे हैं। यह पोस्ट पाते ही @RHAreforms वाले सारे लोग, इंक्लूडिंग @neha_laldas, लिखना छोड़ चुके हैं और उस चिट्ठी का प्रिंट आउट ले कर उत्तर प्रदेश के गाँवों में ड्रोन से गिरा रहे हैं कि सरकार ने हमारी माँगें मान ली! --- यदि सरकार को ऐसा कोई भी भ्रम है तो कोई टेबलेट खा लो। ये पुरानी और सर्वविदित तकनीक है: अपने ही द्वारा प्लांटेड व्यक्ति को नेता मान कर नेगोशिएट करने का स्वाँग रचो, फिर वास्तविक माँगों को डकार जाओ। मैं आपसे वादा करता हूँ कि मुझे आपके साथ बैठना नहीं पड़ेगा और आप हमारी माँगें भी मानोगे। थोड़ी भी लज्जा बची है और पार्टी की थोड़ी भी चिंता है, तो खेल खेलना बंद करो। लोग ब्रजेश पाठक वाले स्टंट से ही हर्ष को नकार चुके हैं।
21 अगस्त को जंतर मंतर पर हुए आंदोलन के उपरान्त पूर्व निर्धारित समय के अनुसार श्री हर्ष दुबे, श्री रण बहादुर सिंह चौहान व श्री मृत्युंजय पाठक, टीम के सदस्यों से सौहार्द पूर्ण वार्ता हुई। इस क्रम में हम शीघ्र ही फिर मिलेंगे।
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मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा; इस भावनात्मक ब्लैकमेल में मत फँसाइए। मैं सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ता रहूँगा। कल कोई बदतर पार्टी आई तो उसे सड़कों पर निपट लेंगे। दूसरी तरफ़ घनघोर अयोग्यता को कोचिंग से लेकर मेरिट, PG, नौकरी और प्रमोशन तक लगातार छूट, ये अनंत काल तक नहीं चल सकता। This has to stop!
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I AM NOT BACKING DOWN, CHANDRASHEKHAR RAVAN
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