एक भी शंकराचार्य ने कभी मुसलमानों और अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला... लेकिन आजकल आपस में लडने और लडाने वाले ढोंगी बाबा बहुत खडे हो चुके हैं। इस ढोंगी ने कभी धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष पर एक वक्तव्य नहीं दिया, आए दिन केवल राजनैतिक बयानबाजी करता है।
“PM Modi will have to run away from India and take shelter elsewhere, just as he is giving shelter to Sheikh Hasina” - Swami Avimukteshwaranand How can a “saint” talk like this?

Jul 26, 2026 · 8:09 AM UTC

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कुछ महात्मा इतने ऊँचे स्तर पर पहुँच चुके हैं कि धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष जैसे “साधारण” विषय उनके लिए बहुत छोटे पड़ गए। अब सीधे राजनीति के ब्रह्मज्ञान में रमे हुए हैं।
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कृपया बताए कि शंकराचार्य के काम क्या होते हैं और इनको क्यू ये पद है ।इससे सनातन का क्या भला होता है। मझे आजतक समझ नहीं आया इनका कार्य 🤦 धर्म की हानी , संस्कार की हानी धर्म को बदनाम किया जाता है तब ये क्यूं चुप रहते हैं किसी प्रकार का कार्यवाही करते नहीं दिखते।
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Maine toh shankracharya ke baare mein social media se suna🙄 Main hindu hoon. bachpan se Mata Pita ke sath puja path karte hue main bhi Bhagwan ki puja karna seekha. Ghar ke mandir mein Mata Rani, Shiv ji, Hanuman ji, Ram ji aur Krishna ji, inki he puja ki inke baare mein padha😌
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Bilkul ese dhongi o ke karan hi desh virodhi politician falte fulte he..
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ऐसे ही पाखंडि लोगों के लिए दयानन्द जी अग्रेजो के एजेंट थे और मोदी डीप स्टेट का एजेंट था????
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ये महर्षि दयानंद सरस्वती जी थे जिन्होंने सत्यार्थ प्रकाश में इस्लाम और ईसाई के विरोध में अलग अलग समुल्लास लिखे थे। आज के शंकराचार्य धन पशु हैं
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अखिलेश तभी तो इनकी तरफ़दारी करते है
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जिन देश द्रोही संघियों ने अंग्रेजो को खत लिखकर भारत छोड़ो आंदोलन को कुचलने के किये कहा हो और उनके के हुकूमत के प्रति अपनी वफादारी दिखाई हो वो दूसरों पर प्रश्न उठा रहा है ? इन्ही शंकराचार्य जी के साक्ष्य प्रस्तुत करने से ही हमें राम जन्म स्थान पर मंदिर बनाने का फैसला SC से मिला
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Uma shankar pandey ki raseelee kahania @scribe9104 ji sey pucho.
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Minor correction: Swami Vidyaranya of Sringeri is an exception.
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ढोंगी तो वो था जो सत्यार्थ प्रकाश नाम की कॉपी बुक लिख गया ईसाइयत और इस्लाम के इन्फ्यूरिरिटी कॉम्प्लेक्स को दूर करने के लिए और लिखा भी वो जो 80% पहले ही लिखा है। और बन गया महर्षि
अंकुर जी यह महादेव फुलटाइम पोलिटिक्स हैं जबरन शंकराचार्य की व्यासपीठ पे बैठे हैं इसे छोड़ो दों? फुल पोलिटिक्स करो खुलकर जनता की भावनाओं समझो विनम्र निवेदन हैं ?
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kitne Mahapurush mahasant mahakathavachak Sare Bharat mein Gyan bantate Hain Magar Kabhi is Pakhandi ki koi bhi Sant aalochana nahin karta hai kyon
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भाई मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं लेकिन ये अकेले शंकराचार्य है जिन्होंने गाय का मुद्दा सबसे ज्यादा उठाया है
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इस एकमात्र व्यक्ति ने सनातन संस्कृति को नीचा दिखाने में कठोर मेहनत किया है आज तक शायद ही किसी बड़े संत महंत या फिर ज्ञानी पुरुष ने किया होगा। यह एक ऐसी पदवी पर बैठा हुआ शख्स है कि उसे पदवी को मां के अंदर से सम्मान की भावना उत्पन्न होती है नहीं तो इस व्यक्ति विशेष को जितनी गालियां देने का मन करता है की मतलब क्या बताया जाए
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